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Shajar Abbas
shajar tum beja qismat ke dhani ho
shajar tum beja qismat ke dhani ho | 'शजर' तुम बेजा क़िस्मत के धनी हो
- Shajar Abbas
'शजर'
तुम
बेजा
क़िस्मत
के
धनी
हो
तुम्हारी
चाह
में
रोता
है
कोई
- Shajar Abbas
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जिन
की
दर्द-भरी
बातों
से
एक
ज़माना
राम
हुआ
'क़ासिर'
ऐसे
फ़न-कारों
की
क़िस्मत
में
बन-बास
रहा
Ghulam Mohammad Qasir
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मुझको
बदन
नसीब
था
पर
रूह
के
बग़ैर
उसने
दिया
भी
फूल
तो
ख़ुशबू
निकाल
कर
Ankit Maurya
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नया
लिबास
भी
पहनो
तो
इस
तरह
पहनो
जिन्हें
नसीब
नहीं
है
उन्हें
नया
न
लगे
Javed Saba
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मिले
किसी
से
गिरे
जिस
भी
जाल
पर
मेरे
दोस्त
मैं
उसको
छोड़
चुका
उसके
हाल
पर
मेरे
दोस्त
ज़मीं
पे
सबका
मुक़द्दर
तो
मेरे
जैसा
नहीं
किसी
के
साथ
तो
होगा
वो
कॉल
पर
मेरे
दोस्त
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Ali Zaryoun
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न
हुआ
नसीब
क़रार-ए-जाँ
हवस-ए-क़रार
भी
अब
नहीं
तिरा
इंतिज़ार
बहुत
किया
तिरा
इंतिज़ार
भी
अब
नहीं
तुझे
क्या
ख़बर
मह-ओ-साल
ने
हमें
कैसे
ज़ख़्म
दिए
यहाँ
तिरी
यादगार
थी
इक
ख़लिश
तिरी
यादगार
भी
अब
नहीं
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Jaun Elia
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तुम्हारे
ख़त
को
जलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
ये
दिल
बाहर
निकलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
तुम्हारा
फ़ैसला
है
पास
रुकना
या
नहीं
रुकना
मेरी
क़िस्मत
बदलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
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Tanoj Dadhich
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मिलना
था
इत्तिफ़ाक़
बिछड़ना
नसीब
था
वो
उतनी
दूर
हो
गया
जितना
क़रीब
था
Anjum Rehbar
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कहीं
गुलाल
के
हिस्से
में
कोई
गाल
नहीं
कहीं
पे
गाल
की
तक़दीर
में
गुलाल
नहीं
Harman Dinesh
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कोई
भी
रोक
न
पाता,
गुज़र
गया
होता
मेरा
नसीब-ए-मोहब्बत
सँवर
गया
होता
न
आईं
होती
जो
बेग़म
मेरी
अयादत
को
मैं
अस्पताल
की
नर्सों
पर
मर
गया
होता
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Paplu Lucknawi
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कुछ
एक
की
हम
जैसी
क़िस्मत
होती
है
बाकी
सब
की
अच्छी
क़िस्मत
होती
है
Bhaskar Shukla
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जिनको
चाय
से
इश्क़
होता
है
हम
फ़क़त
उन
सेे
इश्क़
करते
हैं
Shajar Abbas
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जो
दिल
को
गैर
दुखाता
तो
ग़म
नहीं
होता
ग़म
हैं
के
अपने
अज़ीज़ों
ने
दिल
दुखाया
है
Shajar Abbas
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दर्द
में
डूबी
आ
रही
है
सदा
कोई
सहरा
में
मर
गया
शायद
Shajar Abbas
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क़ैस-ओ-फ़रहाद
थे
बहुत
पहले
अब
मोहब्बत
के
हम
पयम्बर
हैं
Shajar Abbas
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तिरी
उलफ़त
तिरी
चाहत
हमेशा
दिल
में
पलती
है
इन
आँखों
में
तिरे
दीदार
की
हसरत
मचलती
है
ख़ुदा
के
फ़ज़्ल
से
मेरी
दुआएँ
रंग
लाती
हैं
ख़ुशी
का
दिन
निकलता
है
ग़मों
की
शाम
ढलती
है
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Shajar Abbas
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