yahii soch kar aaj main dar gaya hooñ | यही सोच कर आज मैं डर गया हूँ

  - Shadab khan
यहीसोचकरआजमैंडरगयाहूँ
गुनहाहीगुनहाअबभलाकरगयाहूँ
रहेज़िन्दगीभरगुनहगारउसके
बुढ़ापेमेंमस्जिदबराबरगयाहूँ
यूँभूलाकिबरसोंसेहोमुंतज़िरवो
मैंकुछरोज़यादोंकेदफ़्तरगयाहूँ
पढ़ीबे-वफ़ाईपेनज़्मेंकिसीने
मुकर्ररमुकर्ररहीमैंकरगयाहूँ
उदासीमेंजीतारहाज़िंदगीभर
किसीनेकहाठीकहीमरगयाहूँ
  - Shadab khan
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