यूँॅं ही हैरान-ओ-परेशान तिरे कूचे में

  - Shadab Shabbiri
यूँॅंहीहैरान-ओ-परेशानतिरेकूचेमें
हमरहेकुछदिनोंमेहमानतिरेकूचेमें
पायाजाताहूॅंमैंबे-जानतिरेकूचेमें
जाननिकलेमिरीजानतिरेकूचेमें
आतेजातेहुएलोगोंपेनज़ररखतेहैं
एकसेएकहैंदरबानतिरेकूचेमें
हमतिरेनामसेबदनामरहेहैंहर-सू
बसयहीकामहैआसानतिरेकूचेमें
हरकोईघूरतारहताहैब-अंदाज़-ए-दिगर
यहीतोहोताहैनुक़सानतिरेकूचेमें
क़ैस-ओ-फ़रहादकेअल्क़ाबमिलेहैंअक्सर
ख़ूबमिलतेहैंयेसम्मानतिरेकूचेमें
सोचताहूॅंकिमोहब्बतमेंलगाऊँनारा
करदूँमैंइश्क़काऐलानतिरेकूचेमें
कैसेकैसोंसेनिभानेपड़ेरिश्तेशादाब
कैसेकैसोंसेहैपहचानतिरेकूचेमें
  - Shadab Shabbiri
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