zakhm ke aalam pe hi parda rakha hai | ज़ख़्म के आलम पे ही पर्दा रखा है

  - Ashkrit Tiwari
ज़ख़्मकेआलमपेहीपर्दारखाहै
आँचपरपलताहुआसपनारखाहै
उठचलीहैअजनबीहर्फ़-ए-तमन्ना
ज़ेहनऔरदिलउसनेहीमहकारखाहै
दूरदेखाथाजिसेनज़दीकहैवो
शहरनेगाँवोंकोयूँँअपनारखाहै
वोअजलकीशाममौलानामतेरे
येअजलकेनामवोचेहरारखाहै
तुमभीअन्वेषीहोउनज़ुल्फ़ोंकेक़ैदी
जिनअजबतस्वीरोंसेरिश्तारखाहै
  - Ashkrit Tiwari
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