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Satyam Shukla
muhabbat mar to jaati hai faqat ik pal men hi lekin
muhabbat mar to jaati hai faqat ik pal men hi lekin | मुहब्बत मर तो जाती है फ़क़त इक पल में ही लेकिन,
- Satyam Shukla
मुहब्बत
मर
तो
जाती
है
फ़क़त
इक
पल
में
ही
लेकिन,
बहुत
तकलीफ़
देती
है
हमें
ये
दफ़्न
होने
तक
- Satyam Shukla
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ख़ुद-कुशी
जुर्म
भी
है
सब्र
की
तौहीन
भी
है
इस
लिए
इश्क़
में
मर
मर
के
जिया
जाता
है
Ibrat Siddiqui
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मोहब्बत
में
नहीं
है
फ़र्क़
जीने
और
मरने
का
उसी
को
देख
कर
जीते
हैं
जिस
काफ़िर
पे
दम
निकले
Mirza Ghalib
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तुम्हीं
से
प्यार
मुझको
इसलिए
है
ज़माना
आज़मा
कर
आ
गया
हूँ
Divy Kamaldhwaj
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फिर
वही
रोना
मुहब्बत
में
गिला
शिकवा
जहाँ
से
रस्म
है
बस
इसलिए
भी
तुम
को
साल-ए-नौ
मुबारक
Neeraj Neer
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भुला
पाना
बहुत
मुश्किल
है
सब
कुछ
याद
रहता
है
मोहब्बत
करने
वाला
इस
लिए
बर्बाद
रहता
है
Munawwar Rana
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किसे
है
वक़्त
मोहब्बत
में
दर-ब-दर
भटके
मैं
उसके
शहर
गया
था
किसी
ज़रूरत
से
Riyaz Tariq
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'असद'
ये
शर्त
नहीं
है
कोई
मुहब्बत
में
कि
जिस
सेे
प्यार
करो
उसकी
आरज़ू
भी
करो
Subhan Asad
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अदावत
मुहब्बत
रफ़ाक़त
नहीं
है
हमें
तुम
सेे
कोई
शिकायत
नहीं
है
दिलों
को
लगाने
लगे
हो
जहाँँ
तुम
वहाँ
तो
किसी
को
मुहब्बत
नहीं
है
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Tiwari Jitendra
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कभी
कभी
तो
झगड़ने
का
जी
भी
चाहेगा
मगर
ये
जंग
मोहब्बत
से
जीती
जाएगी
Amaan Abbas Naqvi
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ज़रूरत
सब
कराती
है
मोहब्बत
भी
इबादत
भी
नहीं
तो
कौन
बेमतलब
किसी
को
याद
करता
है
Umesh Maurya
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कल
यह
रिश्ता
बदनाम
न
हो
बेहतर
है
इसका
नाम
न
हो
यह
सोच
के
उसका
काम
किया
कल
मुझको
उस
सेे
काम
न
हो
क्या
आज
से
पीना
छोड़
दिया
इस
बात
पे
फिर
क्यूँ
जाम
न
हो
उन
लबों
का
हश्र
ख़ुदा
जाने
जिन
लबों
पे
जय
श्री
राम
न
हो
इस
वक़्त
को
जी
भर
जी
लो
तुम
शायद
फिर
ऐसी
शाम
न
हो
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Satyam Shukla
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मुझे
औरों
का
ग़म
भी
बाँटना
है
ख़ुदा
मेरे
दुखों
को
ख़त्म
कर
दे
Satyam Shukla
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हम
दोनों
बस
झगड़ा
ही
कर
सकते
हैं
हम
दोनों
के
बस
की
बात
नहीं
है
इश्क़
Satyam Shukla
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गर
सज़ा
में
उम्र
भर
की
बा-मशक़्क़त
क़ैद
है
जुर्म
भी
फिर
इश्क़
सा
संगीन
होना
चाहिए
Satyam Shukla
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इक
वफ़ादार
'आशिक़
भी
क्या
चाहता
है
अपनी
हर
माशुका
से
वफ़ा
चाहता
है,
दिल-लगी
के
बिना
शा'इरी
का
हुनर
हो
बिन
सफ़र
में
गए
हादसा
चाहता
है
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Satyam Shukla
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