jo bhi milti hai ha | जो भी मिलती है हमें वो है सही अपनी जगह पर

  - Saahir
जोभीमिलतीहैहमेंवोहैसहीअपनीजगहपर
मौतहैअपनीजगहतो,ज़िंदगीअपनीजगहपर
पहलेमैंभीसोचाकरताथाकिदोनोंमुख़्तलिफ़हैं
आशिक़ीअपनीजगहपर,ख़ुद-कुशीअपनीजगहपर
शा'इरीकोधंधामतसमझोसमझनेवालों,मुझको
नौकरीअपनीजगहहै,शा'इरीअपनीजगहपर
उसकीआँखेंकामदोदोसाथमेंकरतीहैं,उसका
देखनाअपनीजगहपर,दिल-लगीअपनीजगहपर
फ़र्क़होताहैक़ज़ाऔरख़ुद-कुशीमें,आँसूकेसाथ
ख़ुद-कुशीनेसबकोबदनामीभीदीअपनीजगहपर
तुममोहब्बतमेंमेरेपीछेउतरोतोहीबेहतर
मैंकरालेताहूँकुछनुकसानभीअपनीजगहपर
ध्यानरखनातुमकहाँ,क्याठीकहैबच्चे,जहाँमें
बोलनाअपनीजगहपर,ख़ामुशीअपनीजगहपर
उलझेहैंहमलोगइकचक्करमेंकितनेजन्मोंसेयूँँ
ज़िंदगीयेमौतसेमिलतीरहीअपनीजगहपर
मैंमोहब्बतसेयूँँभीदूरीबनाकररखताहूँक्योंकि
छोड़तीहैदर्दकाफ़ीयेख़ुशीअपनीजगहपर
सोचताहूँमैंकभीक्याठीकहैयेजोहै'साहिर'
औरतेंअपनीजगहपर,आदमीअपनीजगहपर
  - Saahir
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