hont ka jaayka bhi gaya aankh ki maykashi bhi gaii | होंठ का ज़ाइक़ा भी गया आँख की मयकशी भी गई

  - Saahir
होंठकाज़ाइक़ाभीगयाआँखकीमयकशीभीगई
इकतेरेजानेकेबादइसरूहकीसादगीभीगई
जोमेराइश्क़थाउसकीशादीकहींऔरतयहोचुकी
मैंमराभीनहींऔरमेरेहाथसेज़िन्दगीभीगई
जल्दीसेइकदिएकोजलाकररखोरौशनीकेलिए
रातसेवैसेहीडरताहूँउसपेयेचाँदनीभीगई
मैंपरेशानहोजाताहूँएकइसबातकोसोचकर
पैसेखर्चेगएऔरमेरेहाथसेनौकरीभीगई
पेड़ोंकोकाटनेसेहवामेंख़राबीतोआतीहीहै
धूपकेतेज़होजानेसेइसज़मींकीनमीभीगई
  - Saahir
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