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Ravi 'VEER'
musalsal guzar jaayega ye safar bhi
musalsal guzar jaayega ye safar bhi | मुसलसल गुज़र जाएगा ये सफ़र भी
- Ravi 'VEER'
मुसलसल
गुज़र
जाएगा
ये
सफ़र
भी
सफ़र
में
अगर
जो
तिरा
साथ
हो
तो
- Ravi 'VEER'
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दर्द-ए-मुहब्बत
दर्द-ए-जुदाई
दोनों
को
इक
साथ
मिला
तू
भी
तन्हा
मैं
भी
तन्हा
आ
इस
बात
पे
हाथ
मिला
Abrar Kashif
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रात
दिन
तेरे
साथ
कटते
थे
यार
अब
तुझ
सेे
बात
से
भी
गए
ये
मोहब्बत
भी
किन
दिनों
में
हुई
दिल
मिलाने
थे
हाथ
से
भी
गए
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Kafeel Rana
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तुम्हारे
बाद
ये
दुख
भी
तो
सहना
पड़
रहा
है
किसी
के
साथ
मजबूरी
में
रहना
पड़
रहा
है
Ali Zaryoun
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वो
किसी
के
साथ
ख़ुश
था
कितने
दुख
की
बात
थी
अब
मेरे
पहलू
में
आ
कर
रो
रहा
है
ख़ुश
हूँ
मैं
Zubair Ali Tabish
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मैं
जंगलों
की
तरफ़
चल
पड़ा
हूँ
छोड़
के
घर
ये
क्या
कि
घर
की
उदासी
भी
साथ
हो
गई
है
Tehzeeb Hafi
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इस
से
पहले
कि
तुझे
और
सहारा
न
मिले
मैं
तिरे
साथ
हूँ
जब
तक
मिरे
जैसा
न
मिले
Afkar Alvi
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अच्छा
है
दिल
के
साथ
रहे
पासबान-ए-अक़्ल
लेकिन
कभी
कभी
इसे
तन्हा
भी
छोड़
दे
Allama Iqbal
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ये
ज़ुल्फ़
अगर
खुल
के
बिखर
जाए
तो
अच्छा
इस
रात
की
तक़दीर
सँवर
जाए
तो
अच्छा
जिस
तरह
से
थोड़ी
सी
तेरे
साथ
कटी
है
बाक़ी
भी
उसी
तरह
गुज़र
जाए
तो
अच्छा
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Sahir Ludhianvi
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जता
दिया
कि
मोहब्बत
में
ग़म
भी
होते
हैं
दिया
गुलाब
तो
काँटे
भी
थे
गुलाब
के
साथ
Rehman Faris
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सँभलता
हूँ
तो
ये
लगता
है
जैसे
तुम्हारे
साथ
धोखा
कर
रहा
हूँ
Shariq Kaifi
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सितम
ये
है
कि
इक
दफ़्तर
के
कम्प्यूटर
में
उलझी
हैं
मेरी
ये
उंगलियाँ
जिनको
किसी
की
ज़ुल्फ़
प्यारी
थी
Ravi 'VEER'
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होश
में
रहे
कैसे
इश्क़
का
नशा
करके
होश
जो
हमें
आए
फिर
नशा
बुलाता
है
Ravi 'VEER'
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देखिए
ये
डिग्रियाँ
दीवार
पर
धूल
की
इन
पर
परत
भी
देखिए
देखिए
सच
देश
के
हालात
का
और
क्या
इस
में
ग़लत
भी
देखिए
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Ravi 'VEER'
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ज़ख़्म
सीने
पर
दिए
जो
याद
हमको
आज
भी
बुज़दिलों
के
कारना
में
भूल
कैसे
जाए
हम
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Ravi 'VEER'
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आख़िर
कैसे
ये
लोग
है
कैसी
ये
मक्कारी
करते
है
माँ
पर
लिखने
वाले
ही
अब
माँ
से
गद्दारी
करते
है
Ravi 'VEER'
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