hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Qambar Naqvi
raftaar itni tez thii sailaab-e-dard ki
raftaar itni tez thii sailaab-e-dard ki | रफ़तार इतनी तेज़ थी सैलाब-ए-दर्द की
- Qambar Naqvi
रफ़तार
इतनी
तेज़
थी
सैलाब-ए-दर्द
की
आँखों
के
बाँध
तोड़
के
आँसू
निकल
पड़े
फिर
भी
न
आफ़ताब
की
गैरत
को
आया
होश
तारीकियाँ
मिटाने
को
जुगनू
निकल
पड़े
- Qambar Naqvi
Download Sher Image
न
हों
अश'आर
में
माअनी
न
सही
ख़ुद
कलामी
का
ज़रिया
ही
सही
तुम
न
नवाज़ो
शे'र
को,
न
सुनाएंगे
ये
मेरा
ज़ाती
नज़रिया
ही
सही
Read Full
Unknown
Send
Download Image
20 Likes
वो
जिस
घमंड
से
बिछड़ा
गिला
तो
इस
का
है
कि
सारी
बात
मोहब्बत
में
रख-रखाव
की
थी
Ahmad Faraz
Send
Download Image
34 Likes
कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
6 Likes
उम्र
जो
बे-ख़ुदी
में
गुज़री
है
बस
वही
आगही
में
गुज़री
है
Gulzar Dehlvi
Send
Download Image
21 Likes
जो
कुछ
मता-ए-हुनर
हो
तो
सामने
लाओ
कि
ये
ज़माना-ए-इज़हार-ए-नस्ल-ओ-रंग
नहीं
Akbar Ali Khan Arshi Zadah
Send
Download Image
12 Likes
बे-ख़ुदी
में
ले
लिया
बोसा
ख़ता
कीजे
मुआ'फ़
ये
दिल-ए-बेताब
की
सारी
ख़ता
थी
मैं
न
था
Bahadur Shah Zafar
Send
Download Image
29 Likes
अब
दुआएँ
पा
रहा
है
हर
दिल-ए-नाशाद
की
क्या
ग़ज़ब
होगा
वो
जिसने
ख़ुद-कुशी
ईजाद
की
शा'इरी
का
ये
हुनर
कुछ
देर
से
आया
मगर
जी-हुज़ूरी
की
नहीं
मैंने
किसी
उस्ताद
की
Read Full
Rituraj kumar
Send
Download Image
15 Likes
निगल
ही
चुका
था
जफ़ा
का
निवाला
अना
फिर
तमाशा
नया
कर
रही
है
Amaan Pathan
Send
Download Image
5 Likes
तू
मोहब्बत
नहीं
समझती
है
हम
भी
अपनी
अना
में
जलते
हैं
इस
दफा
बंदिशें
ज़ियादा
हैं
छोड़
अगले
जनम
में
मिलते
हैं
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
54 Likes
ये
हुनर
रब
ने
मेरी
ज़ात
में
रक्खा
हुआ
है
अच्छे
अच्छो
को
भी
औक़ात
में
रक्खा
हुआ
है
Fareeha Naqvi
Send
Download Image
56 Likes
Read More
बज़ाहिर
कौन-सा
रिश्ता
नहीं
है
हक़ीक़त
में
कोई
अपना
नहीं
है
हमारी
ख़ैरियत
क्यूँ
पूछते
हो
तुम्हें
मालूम
आख़िर
क्या
नहीं
है
ज़रूरत
से
तो
सब
मिलते
हैं
अपनी
हमें
तुम
से
कोई
शिकवा
नहीं
है
ज़माना
क्या,
न
अपने
होंगे
अपने
तुम्हारे
पास
गर
पैसा
नहीं
है
हमें
'क़म्बर'
वही
अच्छा
लगे
है
जिसे
नज़दीक
से
देखा
नहीं
है
Read Full
Qambar Naqvi
Download Image
2 Likes
अब
रहम
कोई
खाएगा
क्या
मेरे
हाल
पर
जब
तुमने
मुझको
छोड़
दिया
मेरे
हाल
पर
मुसतक़बिल
अच्छा
गुज़रेगा
अपना
न
जाने
कब
माज़ी
भी
मुस्कुराने
लगा
मेरे
हाल
पर
Read Full
Qambar Naqvi
Send
Download Image
2 Likes
अना
को
अपनी
कभी
भी
दगा
नहीं
दूँगा
मैं
डूब
जाऊँगा,
तुझको
सदा
नहीं
दूँगा
Qambar Naqvi
Send
Download Image
7 Likes
बंद
लफ्ज़ों
में
एक
बात
कहूँ
आप
जैसा
कोई
शरीफ़
नहीं
Qambar Naqvi
Send
Download Image
5 Likes
निकालूँ
कैसे
मैं
दो
दिन
की
ज़िन्दगी
में
वक़्त
पचास
काम
मिरे
एक
दिन
में
रहते
हैं
Qambar Naqvi
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Eitbaar Shayari
Chaaragar Shayari
Charity Shayari
Nafrat Shayari
Khushboo Shayari