antar hai ye rishta rakhne aur nibhaane men | अंतर है ये रिश्ता रखने और निभाने में

  - Pritam sihag
अंतरहैयेरिश्तारखनेऔरनिभानेमें
हरकोईनहींजलसकतादीपजलानेमें
निकलाथामैंघरसेमेरीज़िंदगीजीनेको
येज़िंदगीबीतीहैघरलौटकेजानेमें
हररातकोउसकीफोटोदेखकेहँसताहूँ
नाराज़होजातीथीवोमुझकोमनानेमें
तुमख़ुशरहोमैंतुमपरयेशा'इरीकरताहूँ
मेरीजाँबतानेकोग़मभीहैंज़मानेमें
तुमकोतोविरासतमेंयेइश्क़मिलाप्रीतम
वर्नायेजाँखपजातीहैंइश्क़कमानेमें
  - Pritam sihag
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