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Prit
teri yaadon ke jungle men kho jaate hain
teri yaadon ke jungle men kho jaate hain | तेरी यादों के जंगल में खो जाते हैं
- Prit
तेरी
यादों
के
जंगल
में
खो
जाते
हैं
सबके
आगे
हँसते
हँसते
रो
जाते
हैं
अब
उसको
बदलें
इतनी
तो
औक़ात
नहीं
वो
जैसा
है
हम
भी
वैसे
हो
जाते
हैं
दिन
भर
ख़ुद
से
तेरी
बातें
करते
करते
थक
जाते
हैं,
सो
घर
जा
कर
सो
जाते
हैं
- Prit
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इश्क़
कहता
है
भटकते
रहिए
और
तुम
कहते
हो
घर
जाना
है
Madan Mohan Danish
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मैं
ये
भी
चाहती
हूँ
तिरा
घर
बसा
रहे
और
ये
भी
चाहती
हूँ
कि
तू
अपने
घर
न
जाए
Rehana Roohi
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जो
बुजुर्गों
की
दु'आओं
के
दीयों
से
रौशन
रोज़
उस
घर
में
दीवाली
का
जश्न
होता
है
Pratap Somvanshi
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घर
में
झीने
रिश्ते
मैंने
लाखों
बार
उधड़ते
देखे
चुपके
चुपके
कर
देती
है
जाने
कब
तुरपाई
अम्मा
Aalok Shrivastav
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तेरी
यादें
लिपट
जाती
हैं
मुझ
से
घर
पहुँचते
ही
कि
जैसे
बाप
से
आकर
कोई
बच्ची
लिपटती
है
Afzal Ali Afzal
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अच्छे
हो
कर
लौट
गए
सब
घर
लेकिन
मौत
का
चेहरा
याद
रहा
बीमारों
को
Shariq Kaifi
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उसे
अभी
भी
मेरे
दिल
के
हाल
का
नहीं
पता
तो
यानी
उसको
अपने
घर
का
रास्ता
नहीं
पता
ये
तेरी
भूल
है
ऐ
मेरे
ख़ुश-ख़याल
के
मुझे
पराई
औरतों
से
तेरा
राब्ता
नहीं
पता
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Ruqayyah Maalik
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उस
को
रुख़्सत
तो
किया
था
मुझे
मालूम
न
था
सारा
घर
ले
गया
घर
छोड़
के
जाने
वाला
Nida Fazli
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आप
क्या
आए
कि
रुख़्सत
सब
अंधेरे
हो
गए
इस
क़दर
घर
में
कभी
भी
रौशनी
देखी
न
थी
Hakeem Nasir
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घर
की
इस
बार
मुकम्मल
मैं
तलाशी
लूँगा
ग़म
छुपा
कर
मिरे
माँ
बाप
कहाँ
रखते
थे
Unknown
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बदन
से
तेरा
इश्क़
लिपटा
हुआ
है
तेरा
इश्क़
अब
साँप
बन
के
डसेगा
Prit
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मुझे
पत्थर
बनाने
वाले
ने
कभी
भगवान
माना
था
मुझको
Prit
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ज़रा
सी
बात
तू
समझ
सकी
नहीं
वो
ज़िंदगी
में
है,
वो
ज़िंदगी
नहीं
मैं
मर
गया,
मेरी
वफ़ा
मरी
नहीं
ये
आग
तो
बुझाने
से
बुझी
नहीं
चढ़ाव
उतार
उस
बदन
के
पढ़
लिए
वो
बुक
जो
पढ़नी
चाहिए,
पढ़ी
नहीं
वो
हाथ
तक
तो
आई,
मुँह
नहीं
लगी
जो
मेरे
साथ
थी,
मेरी
हुई
नहीं
कुछ
इस
तरह
हमारा
रब्त
टूटा
था
अमीर
की
फ़क़ीर
से
बनी
नहीं
मैं
एक
हश्र
था,
जो
उसपे
बरपा
था
वो
मेरे
बाद
चैन
से
रही
नहीं
तू
मेरे
जैसा
कोई
एक
ढूँढ़
ला
जो
तेरा
हो
मगर
तेरा
हो
भी
नहीं
ग़म
ए
फ़िराक
में
नया
बदन
चखा
नई
शराब
भी
हज़म
हुई
नहीं
वे
लोग
मर
गए
जो
मुझ
पे
मरते
थे
तू
धोखा
दे
गई,
सो
तू
मरी
नहीं
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Prit
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जिस्म
मिलता
फ़रेब
करता
तो
इश्क़
था
सो
क़ज़ा
मिली
मुझको
Prit
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जिसकी
ख़ातिर
तड़पता
हूँ
इतना
मर
न
जाऊँ
अगर
वो
मिल
जाए
Prit
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