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Prit
hamaare naseebon men kya kya likha hai
hamaare naseebon men kya kya likha hai | हमारे नसीबों में क्या क्या लिखा है
- Prit
हमारे
नसीबों
में
क्या
क्या
लिखा
है
तुझे
याद
कर
के
तड़पना
लिखा
है
किसी
से
शिकायत
करें
भी
तो
कैसे
चराग़ों
की
किस्मत
में
जलना
लिखा
है
वो
जिसने
सभी
को
परेशां
किया
है
उसी
नर्क
को
हमने
दुनिया
लिखा
है
- Prit
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अब
कारगह-ए-दहर
में
लगता
है
बहुत
दिल
ऐ
दोस्त
कहीं
ये
भी
तिरा
ग़म
तो
नहीं
है
Majrooh Sultanpuri
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पेड़
का
दुख
तो
कोई
पूछने
वाला
ही
न
था
अपनी
ही
आग
में
जलता
हुआ
साया
देखा
Jameel Malik
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मज़ाक
सहना
नहीं
है
हँसी
नहीं
करनी
उदास
रहने
में
कोई
कमी
नहीं
करनी
Swapnil Tiwari
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खुशियाँ
उसी
के
साथ
हैं
जो
ग़म
गुसार
है
ऐसे
हरेक
शख़्स
ही
दुनिया
का
यार
है
Sunny Seher
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आधी
से
ज़ियादा
शब-ए-ग़म
काट
चुका
हूँ
अब
भी
अगर
आ
जाओ
तो
ये
रात
बड़ी
है
Saqib lakhanavi
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तेरे
जाने
से
ज़्यादा
हैं
न
कम
पहले
थे
हम
को
लाहक़
हैं
वही
अब
भी
जो
ग़म
पहले
थे
Afzal Khan
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वो
आँखें
आपके
ग़म
में
नहीं
हुई
हैं
नम
दिया
जलाते
हुए
हाथ
जल
गया
होगा
Shadab Javed
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उठाओ
कैमरा
तस्वीर
खींच
लो
इन
की
उदास
लोग
कहाँ
रोज़
मुस्कराते
हैं
Malikzada Javed
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ख़ुदा
की
शा'इरी
होती
है
औरत
जिसे
पैरों
तले
रौंदा
गया
है
तुम्हें
दिल
के
चले
जाने
पे
क्या
ग़म
तुम्हारा
कौन
सा
अपना
गया
है
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Ali Zaryoun
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इस
कदर
मत
उदास
हो
जैसे
ये
मोहब्बत
का
आख़िरी
दिन
है
Idris Babar
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आज
कल
मुझ
सेे
तुम
रूठती
भी
नहीं
बात
क्या
है
जाँ,
किस
बात
पे
रूठी
हो
Prit
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तुम्हें
ये
सोचकर
भी
ख़ुश
रहा
करना
है
'प्रीत'
कोई
है
जो
तुम्हें
ख़ुश
देखकर
ख़ुश
होता
है
Prit
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तू
मेरा
हो
के
भी
कौन
सा
मेरा
था
तुझ
से
यानी
मेरी
कोई
फ़ुर्क़त
नहीं
Prit
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मेरे
अपने
हर
इक
पल
मेरा
दिल
नाशाद
करते
थे
मुझे
बर्बाद
कर
के
कहते
थे
आबाद
करते
थे
सो
मेरे
मसअलों
ने
ज़िंदगी
को
मौत
कर
डाला
जो
मुझको
जानते
थे
लाश
कह
कर
याद
करते
थे
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Prit
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हमने
ये
क्या
देखा
है
बादल
प्यासा
देखा
है
तुमने
रोटी
खाई
है
हमने
चूल्हा
देखा
है
जिसको
दुनिया
कहा
उसको
दुनिया
जैसा
देखा
है
पानी
के
नाम
पे
हमने
सिर्फ़
ख़ाली
मटका
देखा
है
आज
ख़ुदास
मिलना
था
उसको
आता
देखा
है
दरिया
की
क़ीमत
वो
जाने
जिसने
सहरा
देखा
है
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Prit
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