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Prit
mere apne har ik pal meraa dil naashaad karte the
mere apne har ik pal meraa dil naashaad karte the | मेरे अपने हर इक पल मेरा दिल नाशाद करते थे
- Prit
मेरे
अपने
हर
इक
पल
मेरा
दिल
नाशाद
करते
थे
मुझे
बर्बाद
कर
के
कहते
थे
आबाद
करते
थे
सो
मेरे
मसअलों
ने
ज़िंदगी
को
मौत
कर
डाला
जो
मुझको
जानते
थे
लाश
कह
कर
याद
करते
थे
- Prit
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जहाँ
तक
भाग
पाओ
मौत
हम
सेे
भाग
लो
लेकिन
हमारा
वा'दा
है
इक
दिन
तुम्हें
अपना
करेंगे
हम
Gautam Raj 'Dheeraj'
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मौत
ने
सारी
रात
हमारी
नब्ज़
टटोली
ऐसा
मरने
का
माहौल
बनाया
हमने
घर
से
निकले
चौक
गए
फिर
पार्क
में
बैठे
तन्हाई
को
जगह-जगह
बिखराया
हमने
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Shariq Kaifi
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रहता
है
इबादत
में
हमें
मौत
का
खटका
हम
याद-ए-ख़ुदा
करते
हैं
कर
ले
न
ख़ुदा
याद
Akbar Allahabadi
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ज़िंदगी
फ़िरदौस-ए-गुम-गश्ता
को
पा
सकती
नहीं
मौत
ही
आती
है
ये
मंज़िल
दिखाने
के
लिए
Hafeez Jalandhari
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आई
होगी
किसी
को
हिज्र
में
मौत
मुझ
को
तो
नींद
भी
नहीं
आती
Akbar Allahabadi
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घर
से
निकले
थे
हौसला
कर
के
लौट
आए
ख़ुदा
ख़ुदा
कर
के
ज़िंदगी
तो
कभी
नहीं
आई
मौत
आई
ज़रा
ज़रा
करके
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Rajesh Reddy
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बरस
रही
है
आँखें
हैं
ये
इनको
बादल
मत
कहना
मौत
हुई
है
दिल
की
मेरे
उसको
घाइल
मत
कहना
जीवन
भर
वो
साथ
रहेगा
प्यार
करेगा
बस
तुमको
मुझको
पागल
कह
देती
थी
उसको
पागल
मत
कहना
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Tanoj Dadhich
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दुनिया
मेरी
बला
जाने
महँगी
है
या
सस्ती
है
मौत
मिले
तो
मुफ़्त
न
लूँ
हस्ती
की
क्या
हस्ती
है
Fani Badayuni
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ज़िस्त
की
जान
जाते
भी
देखा
हूँ
मैं
मौत
को
साँस
आते
भी
देखा
हूँ
मैं
सब
तो
हँसते
ही
हैं
मेरे
हालात
पे
दर्द
को
मुस्कुराते
भी
देखा
हूँ
मैं
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SHIV SAFAR
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ऐ
ताइर-ए-लाहूती
उस
रिज़्क़
से
मौत
अच्छी
जिस
रिज़्क़
से
आती
हो
परवाज़
में
कोताही
Allama Iqbal
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हर
दफ़ा
झूठ
कहते
थे
हम
लोग
देखो
तो
कितने
सच्चे
थे
हम
लोग
इसलिए
वादे
तोड़
देते
थे
एक
वादे
के
पक्के
थे
हम
लोग
दर्द
ने
ख़ाक
कर
दिया
वरना
जीने
से
पहले
मरते
थे
हम
लोग
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Prit
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तेरी
परछाई
को
अपनी
निगाहों
में
बसाया
है
कमाई
दौलतें
हैं
मेरी
जो
तेरी
मुहब्बत
है
Prit
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पैसा
कोठे
की
तवायफ़
जैसा
है
ये
आज
तेरा
है
तो
कल
मेरा
है
Prit
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उसके
दिल
से
निकालने
पर
क्या
शिकवा
करना
मुझको
बचपन
से
बाहर
रहने
की
आदत
है
Prit
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आप
जिनके
लिए
तरसते
हैं
वो
किसी
और
ही
पे
मरते
हैं
ये
मोहब्बत
तबाह
करती
है
बावले
हैं
जो
इश्क़
करते
हैं
ज़ुल्म
है
इश्क़
का
नया
मतलब
तो
चलो
आज
ज़ुल्म
सहते
हैं
जी
नहीं,
कोई
प्यार
व्यार
नहीं
सिर्फ़
हम
बात
वात
करते
हैं
शा'इरी
जो
है
कोई
खेल
नहीं
आप
ये
कैसी
बात
करते
हैं
तुम
मरे
जा
रहे
हो
जिनपे
"प्रीत"
क्या
वो
भी
तुम
सेे
इश्क़
करते
हैं?
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Prit
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