hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Prasoon
bekhud-o-beqaraar ham bhi the
bekhud-o-beqaraar ham bhi the | बेख़ुद-ओ-बेक़रार हम भी थे
- Prasoon
बेख़ुद-ओ-बेक़रार
हम
भी
थे
दर-ब-दर
अश्कबार
हम
भी
थे
उन
दिनों
दिल-फ़िग़ार
हम
भी
थे
एक
धुन
पर
सवार
हम
भी
थे
हम
उदासी
में
मुस्कुराते
थे
सो
फ़रेब-ए-बहार
हम
भी
थे
ता-दम-ए-मर्ग
ख़ाक-आलूदा
रेत
थे
या
ग़ुबार
हम
भी
थे
हम
पे
गो
इख़्तियार
था
सबका
लेक
बे-इख़्तियार
हम
भी
थे
हम
से
ऊबा
किया
जहाँ
सारा
सा'अत-ए-इंतज़ार
हम
भी
थे
दश्त-दर-दश्त
नाम
था
अपना
रक़्स
में
ता-ग़ुबार
हम
भी
थे
जिस
जगह
इश्क़
ने
किया
वहशत
ऐ
दिल-ए-दाग़दार
हम
भी
थे
हम
ने
अब्र-ए-रवाँ
को
रोका
था
सर-ब-सर
रेग़-ज़ार
हम
भी
थे
तू
ने
हम
को
कभी
नहीं
देखा
पर
सर-ए-रहगुज़ार
हम
भी
थे
सुब्ह
ने
भेद
सारे
खोल
दिए
सुब्ह
तक
बा-वक़ार
हम
भी
थे
- Prasoon
Download Ghazal Image
मेरे
होंटों
पे
अपनी
प्यास
रख
दो
और
फिर
सोचो
कि
इस
के
बा'द
भी
दुनिया
में
कुछ
पाना
ज़रूरी
है
Waseem Barelvi
Send
Download Image
125 Likes
अपनी
दुनिया
भी
चल
पड़े
शायद
इक
रुका
फ़ैसला
किया
जाए
Madan Mohan Danish
Send
Download Image
22 Likes
हुआ
है
तुझ
से
बिछड़ने
के
बाद
ये
मालूम
कि
तू
नहीं
था
तेरे
साथ
एक
दुनिया
थी
Ahmad Faraz
Send
Download Image
42 Likes
टक
गोर-ए-ग़रीबाँ
की
कर
सैर
कि
दुनिया
में
उन
ज़ुल्म-रसीदों
पर
क्या
क्या
न
हुआ
होगा
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
17 Likes
सगी
बहनों
का
जो
रिश्ता
रिश्ता
है
उर्दू
और
हिन्दी
में
कहीं
दुनिया
की
दो
ज़िंदा
ज़बानों
में
नहीं
मिलता
Munawwar Rana
Send
Download Image
42 Likes
कल
जहाँ
दीवार
थी
है
आज
इक
दर
देखिए
क्या
समाई
थी
भला
दीवाने
के
सर
देखिए
Javed Akhtar
Send
Download Image
28 Likes
परतव
से
जिस
के
आलम-ए-इम्काँ
बहार
है
वो
नौ-बहार-ए-नाज़
अभी
रहगुज़र
में
है
Ali Sardar Jafri
Send
Download Image
12 Likes
सुतून-ए-दार
पे
रखते
चलो
सरों
के
चराग़
जहाँ
तलक
ये
सितम
की
सियाह
रात
चले
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
19 Likes
इसी
होनी
को
तो
क़िस्मत
का
लिखा
कहते
हैं
जीतने
का
जहाँ
मौक़ा
था
वहीं
मात
हुई
Manzar Bhopali
Send
Download Image
30 Likes
मैं
सुख़न
में
हूँ
उस
जगह
कि
जहाँ
साँस
लेना
भी
शा'इरी
है
मुझे
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
59 Likes
Read More
इस
को
क्या
समझाना
जानाँ
दिल
तो
है
दीवाना
जानाँ
जब
ख़ुद
को
बिसराया
मैं
ने
तब
तुम
को
पहचाना
जानाँ
सारा
जग
ठुकराएगा
जब
तुम
मुझ
को
अपनाना
जानाँ
तुम
से
हिजरत
का
मतलब
है
चेहरे
का
मुरझाना
जानाँ
दर्द-ओ-ग़म
से
भर
जाना
है
ज़ख़्मों
का
भर
जाना
जानाँ
Read Full
Prasoon
Download Image
0 Likes
जहान-ए-मोहब्बत
के
सुल्ताँ
हुए
हैं
यही
जानकर
हम
ग़ज़ल-ख्वाँ
हुए
हैं
कभी
जिन
फ़रेबों
ने
हैराँ
किया
था
अभी
उन
फ़रेबों
पे
नाजाँ
हुए
हैं
तुझे
याद
कर
के
परीशाँ
थे
हम
पर
तुझे
भूल
कर
हम
पशेमाँ
हुए
हैं
Read Full
Prasoon
Download Image
0 Likes
बेख़ुदी
की
ख़ुश्क
राहों
से
मुझे
क्या
शिकायत
कज-कुलाहों
से
मुझे
ऐ
मिरे
क़ातिल
बरा-ए-इश्क़
अब
आ
बचा
ले
ख़ैर-ख़्वाहों
से
मुझे
क्या
मिला
उल्फ़त
पे
ख़ुद
को
ख़र्च
कर
क्या
मिला
वा'दा
निबाहों
से
मुझे
रफ़्ता
रफ़्ता
अब
घुटन
होने
लगी
ज़िन्दगी
तेरी
पनाहों
से
मुझे
बन्दगी
की
जग्ह
है
कू-ए-बुताँ
वास्ता
क्या
ख़ानक़ाहों
से
मुझे
डर
नहीं
लगता
है
तेरे
हिज़्र
से
डर
मगर
लगता
है
आहों
से
मुझे
Read Full
Prasoon
Download Image
0 Likes
ग़म
भले
देगी
सरापा
ज़िन्दगी
है
मगर
इक
ही
असासा
ज़िन्दगी
हर
क़दम
पर
इक
तमाशा
ज़िन्दगी
एक
सिक्का
एक
कासा
ज़िन्दगी
रेगज़ारों
में
बगूलों
की
तरह
झूमती
है
बेतहाशा
ज़िन्दगी
साथ
जीने
की
तमन्ना
मौत
है
साथ
मरने
का
इरादा
ज़िन्दगी
ख़ुद
जला
देती
है
अपने
हाथ
से
ओढ़ती
है
जो
लबादा
ज़िन्दगी
Read Full
Prasoon
Download Image
1 Like
किसी
बे-नाम
रिश्ते
को
नया
इक
नाम
देने
से
बिखर
जाती
हैं
कुछ
नज़्में
फ़क़त
उनवान
देने
से
Prasoon
Send
Download Image
14 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Phool Shayari
Zakhm Shayari
Kashti Shayari
Basant Shayari
One sided love Shayari