hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Avijit Aman
dukhaakar dil tijori bhar rahen ho jo
dukhaakar dil tijori bhar rahen ho jo | दुखाकर दिल तिजोरी भर रहें हो जो
- Avijit Aman
दुखाकर
दिल
तिजोरी
भर
रहें
हो
जो
कमाने
से
मगर
बरकत
नहीं
होगी
ज़रूरत
हो
कभी
जितनी
कहो
उतना
कभी
चिल्लाने
से
इज़्ज़त
नहीं
होगी
- Avijit Aman
Download Sher Image
कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
6 Likes
तुम्हें
लगा
है
कि
मेरे
होते,
तुम्हें
भी
दिल
में
जगह
मिलेगी
बड़ी
ही
इज़्ज़त
से
कह
रहा
हूँ
,चलो
उठो
अब
मेरी
जगह
से
Shadab Asghar
Send
Download Image
7 Likes
मजबूरी
में
रक़ीब
ही
बनना
पड़ा
मुझे
महबूब
रहके
मेरी
जो
इज़्ज़त
नहीं
हुई
Sabahat Urooj
Send
Download Image
48 Likes
बे-ख़ुदी
ले
गई
कहाँ
हम
को
देर
से
इंतिज़ार
है
अपना
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
39 Likes
चादर
की
इज़्ज़त
करता
हूँ
और
पर्दे
को
मानता
हूँ
हर
पर्दा
पर्दा
नइँ
होता
इतना
मैं
भी
जानता
हूँ
Ali Zaryoun
Send
Download Image
77 Likes
ये
नदी
वर्ना
तो
कब
की
पार
थी
मेरे
रस्ते
में
अना
दीवार
थी
आप
को
क्या
इल्म
है
इस
बात
का
ज़िंदगी
मुश्किल
नहीं
दुश्वार
थी
थीं
कमानें
दुश्मनों
के
हाथ
में
और
मेरे
हाथ
में
तलवार
थी
जल
गए
इक
रोज़
सूरज
से
चराग़
रौशनी
को
रौशनी
दरकार
थी
आज
दुनिया
के
लबों
पर
मुहर
है
कल
तलक
हाँ
साहब-ए-गुफ़्तार
थी
Read Full
ARahman Ansari
Send
Download Image
13 Likes
मोहब्बत
नेक-ओ-बद
को
सोचने
दे
ग़ैर-मुमकिन
है
बढ़ी
जब
बे-ख़ुदी
फिर
कौन
डरता
है
गुनाहों
से
Arzoo Lakhnavi
Send
Download Image
24 Likes
होश
वालों
को
ख़बर
क्या
बे-ख़ुदी
क्या
चीज़
है
इश्क़
कीजे
फिर
समझिए
ज़िंदगी
क्या
चीज़
है
Nida Fazli
Send
Download Image
144 Likes
निगल
ही
चुका
था
जफ़ा
का
निवाला
अना
फिर
तमाशा
नया
कर
रही
है
Amaan Pathan
Send
Download Image
5 Likes
उधारी
सर
से
ऊपर
बढ़
चुकी
है
हमारी
जान
जोखिम
में
पड़ी
है
हमीं
अपमान
सहकर
जी
रहे
हैं
अना
की
लाश
पंखे
पर
मिली
है
Read Full
Vikas Sahaj
Send
Download Image
8 Likes
Read More
साथ
अब
ज़िंदगी
ये
बसा
लो
न
तुम
ज़िंदगी
मुझको
अपनी
बना
लो
न
तुम
याद
कब
से
तुम्हारी
मुझे
आ
रही
आके
मुझको
गले
से
लगा
लो
न
तुम
टूटने
वाला
है
धागा
ये
प्रीत
का
आके
रिश्ता
हमारा
बचा
लो
न
तुम
ज़िंदगी
ये
मिरी
दाँव
पर
है
लगी
सोचकर
कोई
अब
फ़ैसला
लो
न
तुम
मैं
नहीं
चाहता
खोना
तुमको
कभी
मुझको
बाँहों
में
अपनी
छुपा
लो
न
तुम
आइने
में
खड़ा
शख़्स
कहता
है
अब
एक
तरफा
ही
रिश्ता
निभा
लो
न
तुम
देखकर
ये
लड़ाई
हमारी
'अमन'
कहते
हैं
लोग
सब
सेे
मज़ा
लो
न
तुम
Read Full
Avijit Aman
Download Image
0 Likes
चाहते
हैं
गर
बिछड़ना
आप
हम
सेे
आप
भी
हम
सेे
मुहब्बत
कीजिए
फिर
Avijit Aman
Send
Download Image
0 Likes
इतनी
आसाँ
नहीं
ज़िंदगी
है
'अमन'
पाँव
के
छाले
हमको
बताते
हैं
ये
Avijit Aman
Send
Download Image
0 Likes
ख़ुश्क
आँखों
की
नमी
हूँ
शोर
करती
ख़ामुशी
हूँ
ग़लतियाँ
होती
हैं
मुझ
सेे
यार
मैं
भी
आदमी
हूँ
ध्यान
से
पढ़िए
मुझे
सब
थोड़ी
मुश्किल
शा'इरी
हूँ
मैं
सभी
के
काम
आता
रास्ते
की
रौशनी
हूँ
जो
भरोसा
तोड़ते
हैं
उनकी
ख़ातिर
दुश्मनी
हूँ
कष्ट
में
सब
याद
करते
जैसे
कोई
ख़ुद-कुशी
हूँ
क्या
पता
कब
बीत
जाऊँ
आज
कल
की
ज़िंदगी
हूँ
Read Full
Avijit Aman
Download Image
0 Likes
यार
चलता
नहीं
इश्क़
ऐसे
यहाँ
रोज़
सब
सेे
बताते
फिरोगे
अगर
Avijit Aman
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
haseen Shayari
Kitab Shayari
Naqab Shayari
Aahat Shayari
Haar Shayari