khushk aankhoñ kii nami hooñ | ख़ुश्क आँखों की नमी हूँ

  - Avijit Aman
ख़ुश्कआँखोंकीनमीहूँ
शोरकरतीख़ामुशीहूँ
ग़लतियाँहोतीहैंमुझसेे
यारमैंभीआदमीहूँ
ध्यानसेपढ़िएमुझेसब
थोड़ीमुश्किलशा'इरीहूँ
मैंसभीकेकामआता
रास्तेकीरौशनीहूँ
जोभरोसातोड़तेहैं
उनकीख़ातिरदुश्मनीहूँ
कष्टमेंसबयादकरते
जैसेकोईख़ुद-कुशीहूँ
क्यापताकबबीतजाऊँ
आजकलकीज़िंदगीहूँ
  - Avijit Aman
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