taveel ishq ki chaahat thii mukhtasar na mila | तवील इश्क़ की चाहत थी मुख़्तसर न मिला

  - Om awasthi
तवीलइश्क़कीचाहतथीमुख़्तसरमिला
हमारेजैसोंकोयेतोहफ़ाउम्रभरमिला
तमामउम्रउलझतारहामैंदुनियासे
समझसकेजोमुझे,ऐसाहम-नज़रमिला
येसोचताहूँके,क्याहीबिगाड़लूँगातेरा
तूइसदफ़ाभीमुझेवक़्तपरअगरमिला
उदासियाँहैंफ़क़तअर्ज़-ए-दिलमेंफैलीहुई
वोशाख़हूँमैंजिसे,कोईभीसमरमिला
किसीकेदिलमेंमुकम्मलक़यामकरनेको
कोईभीनुस्ख़ामुहब्बतसेकार-गरमिला
  - Om awasthi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy