भले घर की न वहशत देख

  - Muntazir suraj
भलेघरकीवहशतदेख
मगरइसदरकीहसरतदेख
देखातूनेमेरीओर
कभीमेरीअज़िय्यतदेख
ख़ुशीहैदीदसेतेरी
इसेमेरीफ़रहतदेख
बसआहटसेतिरीहैख़ुश
दिल-ए-नादाँकीरग़बतदेख
नहींमुमकिनमिराहोना
मगरमेरीमोहब्बतदेख
मेराहोसकावोक्यूँँ
ख़ुदायामेरीमन्नतदेख
हुईमेरीमोहब्बतकी
इबादतमेंजोशिरकतदेख
तवज्जोहभीदेजो'श्रेय'
उसेक्याकहनाउल्फ़तदेख
  - Muntazir suraj
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