हक़ में हमारे जो था मिला नहीं क्या कुछ

  - Muntazir suraj
हक़मेंहमारेजोथामिलानहींक्याकुछ
कातिब-ए-तक़दीरसेगिलानहींक्याकुछ
पर्दा-नशींदेखकरउसएककलीको
मिस्लगुलोंकेवहाँखिलानहींक्याकुछ
लोगकीइंसानियतनिबाहरहेहैं
बीचहमारेतोसिलसिलानहींक्याकुछ
हारपरअपनीतूइश्क़कोबुराकह
औरतरफ़देखअम्सिलानहींक्याकुछ
  - Muntazir suraj
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