बे-असर ही रहे हर हकीमी शिफ़ा

  - Muntazir suraj
बे-असरहीरहेहरहकीमीशिफ़ा
इश्क़वालोंकोहैयेसुख़नहीशिफ़ा
उसकेलफ़्ज़ोंकोमरहमसमझतेहैंहम
औरउसकेतबस्सुमकोअपनीशिफ़ा
मरनेवालोंकोबसइकतिरीचाहथी
तेरीमौजूदगीहीउन्हेंथीशिफ़ा
जबकितेरीकमीसेथानासाज़ज़ेहन
बिनतिरेकिसतरहकामआतीशिफ़ा
थापताहोगातुमबिनगुज़ारानहीं
हमनेसोफिरनहींआज़माईशिफ़ा
  - Muntazir suraj
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