हैं जो नहीं ईमाँ में उनका आशियाना भी हो क्यूँँ

  - Muntazir suraj
हैंजोनहींईमाँमेंउनकाआशियानाभीहोक्यूँँ
खुलतानहींदस्तकपेजोवोआस्तानाभीहोक्यूँँ
जिनकोअनाहोरिश्तोंसेजोप्यारीतोदाइमरहे
जिनसेउम्मीद-ए-वफ़ाहोदोस्तानाभीहोक्यूँँ
उल्फ़तरहेकोईसेबिनमतलबहोयक-तरफ़ाभले
गरइश्क़हैकोईउमीदउनसेेलगानाभीहोक्यूँँ
जोदेखतेतकभीनहींयेचश्म-ए-तरमेरेकभी
यूँँरूहकेयहज़ख़्मफिरउनकोदिखानाभीहोक्यूँँ
शिकवा-ए-ग़मलेकरपलटआएदर-ए-ज़ालिमसेहम
हमख़ैर-ख़्वाहोंसेकिसीकादिलदुखानाभीहोक्यूँँ
हम'श्रेय'चाहेनेक-राहअबहैंथेपरख़ाना-बदोश
दिलमेंकिसीकेमुस्तक़िलअपनाठिकानाभीहोक्यूँँ
  - Muntazir suraj
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