बस तुम्हारी दूरियों में पास ग़म है

  - Muntazir suraj
बसतुम्हारीदूरियोंमेंपासग़महै
ना-मयस्सरहोनेकाएहसासग़महै
ना-मयस्सरहीरहावोहरतरहसे
राएगाँमेरारहाइख़्लासग़महै
दावाकरतेथेफ़क़तदीदारकाजो
चूमकरक़ाएमहैउनकीप्यासग़महै
दस्तयाबीहैअजबदुश्वारसाफ़न
औररहादिलभीमिराबे-आसग़महै
बसकिहाल-ए-दिलपूछोश्रेयहमसेे
आमहैमसरूरहरपलख़ासग़महै
  - Muntazir suraj
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