वो तकल्लुफ़ भी करे क्यूँ जब भरोसा कर रखा है

  - Muntazir suraj
वोतकल्लुफ़भीकरेक्यूँजबभरोसाकररखाहै
सोचकरहीउसनेकुछशानेपेमेरेसररखाहै
हमशिफ़ा-आदीनहींकोईकरेजोग़म-गुसारी
हमनेहरउसशख़्सकाहीनामचारा-गररखाहै
हैंनिहाँउसआश्ना-ए-राज़सेजज़्बातमेरे
हमनेफिरइकतोहफ़ाजिसकेवास्तेलेकररखाहै
वादा-ए-फ़र्दापेहीइमरोज़हैंबातेंयक़ींकी
यूँँअगरचेकौनरखताहैभरोसापररखाहै
  - Muntazir suraj
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