hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Asif gauri
kabhi tha vo meraa jo ab hai nahin par
kabhi tha vo meraa jo ab hai nahin par | कभी था वो मेरा जो अब है नहीं पर
- Asif gauri
कभी
था
वो
मेरा
जो
अब
है
नहीं
पर
मेरा
जब
वो
था
तब
किसी
का
नहीं
था
मेरी
बात
मानो
चलो
भी
तुम
आसिफ़
वो
जैसा
भी
था
पर
तुम्हारा
नहीं
था
- Asif gauri
Download Sher Image
जब
मसअले
न
हल
हो
सकें
बात-चीत
से
फिर
जंग
ही
लड़ो
कि
ज़माना
ख़राब
है
shaan manral
Send
Download Image
4 Likes
न
उसने
हाथ
लगाया
न
उसने
बातें
कीं
पड़े
पड़े
यूँँ
ही
ख़ुद
में
ख़राब
हो
गए
हम
Abhishek shukla
Send
Download Image
29 Likes
तमाम
बातें
जो
चाहता
था
मैं
तुम
सेे
कहना
वो
एक
काग़ज़
पे
लिख
के
काग़ज़
जला
दिया
है
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
1 Like
ये
है
पहली
बात
तुझ
सेे
इश्क़
है
दूसरी
ये
बात,
पहली
बात
सुन
Siddharth Saaz
Send
Download Image
7 Likes
हर
किसी
से
ही
मुहब्बत
माँगता
है
दिल
तो
अब
सब
सेे
अक़ीदत
माँगता
है
सीख
आया
है
सलीक़ा
ग़ुफ़्तगू
का
मुझ
सेे
मेरा
दोस्त
इज़्ज़त
माँगता
है
Read Full
Send
Download Image
2 Likes
बात
करते
हुए
बे-ख़याली
में
ज़ुल्फ़ें
खुली
छोड़
दी
हम
निहत्थों
पे
उसने
ये
कैसी
बलाएँ
खुली
छोड़
दी
साथ
जब
तक
रहे
एक
लम्हे
को
भी
रब्त
टूटा
नहीं
उसने
आँखें
अगर
बंद
कर
ली
तो
बाँहें
खुले
छोड़
दी
Read Full
Khurram Afaq
Send
Download Image
34 Likes
ज़रा
सा
झूठ
ही
कह
दो
मेरे
बिन
तुम
अधूरे
हो
तुम्हारा
क्या
बिगड़ता
है
ज़रा
सी
बात
कहने
में
Parveen Shakir
Send
Download Image
34 Likes
ख़ुश्बू
की
बरसात
नहीं
कर
पाते
हैं
हम
ख़ुद
ही
शुरुआत
नहीं
कर
पाते
हैं
जिस
लड़की
की
बातें
करते
हैं
सब
सेे
उस
लड़की
से
बात
नहीं
कर
पाते
हैं
Read Full
Gyan Prakash Akul
Send
Download Image
81 Likes
बात
ऐसी
भी
भला
आप
में
क्या
रक्खी
है
इक
दिवाने
ने
ज़मीं
सर
पे
उठा
रक्खी
है
इत्तिफ़ाक़न
कहीं
मिल
जाए
तो
कहना
उस
सेे
तेरे
शाइर
ने
बड़ी
धूम
मचा
रक्खी
है
Read Full
Ismail Raaz
Send
Download Image
63 Likes
बूढ़ी
बोझल
सूखी
आँखें
देख
रही
हैं
हैरत
से
कच्ची
उम्र
के
लड़कों
ने
कुछ
ऐसी
बातें
लिक्खी
हैं
Shadab Javed
Send
Download Image
40 Likes
Read More
उसे
मुद्दत
से
जी
भर
के
नहीं
देखा
मुझे
अब
वो
नज़र
आए
तो
अच्छा
है
Asif gauri
Send
Download Image
1 Like
तुम
मेरे
थे
किसी
ज़माने
में
बस
यही
काफ़ी
है
ख़ुशी
के
लिए
Asif gauri
Send
Download Image
1 Like
बद्दुआ
क्यूँँ
करें
किसी
के
लिए
लोग
मरते
हैं
ज़िंदगी
के
लिए
Asif gauri
Send
Download Image
1 Like
फ़क़त
अब
तो
दिलासा
रह
गया
है
बताओ
क्या
हमारा
रह
गया
है
निकल
कर
रूह
कब
की
जा
चुकी
है
बदन
पंखे
से
लटका
रह
गया
है
बग़ैर
उसके
मरा
मैं
भी
नहीं
और
बिछड़
कर
वो
भी
ज़िंदा
रह
गया
है
Read Full
Asif gauri
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Dost Shayari
Doctor Shayari
Romantic Shayari
Shaayar Shayari
Shaheed Shayari