dil ki betaabiyaan badaane ki | दिल की बेताबियाँ बड़ाने की

  - Maviya abdul kalam khan
दिलकीबेताबियाँबड़ानेकी
क्याज़रूरतथीसजकेआनेकी
कुछहमेंभीतबीबबतलादो
हैदवाकोईग़मभुलानेकी
वोमानेमनानेपरफिरभी
हमनेछोड़ीजिदमनानेकी
उनकोजाकरहुआहैअर्सापर
आसअबभीहैउनकेआनेकी
फाखाकशहैंपडोसमेंलेकिन
हैख़बरकिसकोउसघरानेकी
उनकोफ़ुर्सतकहाँकेदेखेवो
आकेहालतकोइसदिवानेकी
हारकैसे'कलाम'मानेंहम
हमकोआदतहैजीतजानेकी
  - Maviya abdul kalam khan
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy