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Manoj Devdutt
diiyaa bujhne se bachaata raha
diiyaa bujhne se bachaata raha | दीया बुझने से बचाता रहा
- Manoj Devdutt
दीया
बुझने
से
बचाता
रहा
हाथ
अपना
मैं
जलाता
रहा
छोड़कर
मजबूरियों
में
गई
मैं
यही
ख़ुद
को
बताता
रहा
जो
मुझे
अपना
समझते
नहीं
हक़
उन्हीं
पर
मैं
जताता
रहा
ऐब
मेरे
जो
गिनाते
रहे
आइने
उनको
दिखाता
रहा
रूठकर
मुझ
सेे
गया
एक
शख़्स
उम्र
भर
उसको
मनाता
रहा
- Manoj Devdutt
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मुझको
बदन
नसीब
था
पर
रूह
के
बग़ैर
उसने
दिया
भी
फूल
तो
ख़ुशबू
निकाल
कर
Ankit Maurya
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दिल
का
गुलाब
मैं
ने
जिसे
चूम
कर
दिया
उस
ने
मुझे
बहार
से
महरूम
कर
दिया
Anjum Barabankvi
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ये
शुक्र
है
कि
मिरे
पास
तेरा
ग़म
तो
रहा
वगर्ना
ज़िंदगी
भर
को
रुला
दिया
होता
Gulzar
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बीस
बरस
से
इक
तारे
पर
मन
की
जोत
जगाता
हूँ
दीवाली
की
रात
को
तू
भी
कोई
दिया
जलाया
कर
Majid Ul Baqri
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उसने
ये
कहके
मुझे
छोड़
दिया
हाशिया
छोड़
दिया
जाता
है
Subhan Asad
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कुछ
नज़र
आता
नहीं
उस
के
तसव्वुर
के
सिवा
हसरत-ए-दीदार
ने
आँखों
को
अंधा
कर
दिया
Haidar Ali Aatish
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तिरे
बग़ैर
अजब
बज़्म-ए-दिल
का
आलम
है
चराग़
सैंकड़ों
जलते
हैं
रौशनी
कम
है
Shakeel Badayuni
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हस्ती
का
नज़ारा
क्या
कहिए
मरता
है
कोई
जीता
है
कोई
जैसे
कि
दिवाली
हो
कि
दिया
जलता
जाए
बुझता
जाए
Nushur Wahidi
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तेरी
हर
बात
मोहब्बत
में
गवारा
कर
के
दिल
के
बाज़ार
में
बैठे
हैं
ख़सारा
कर
के
आसमानों
की
तरफ़
फेंक
दिया
है
मैं
ने
चंद
मिट्टी
के
चराग़ों
को
सितारा
कर
के
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Rahat Indori
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मुझे
अँधेरे
से
बात
करनी
है
सो
करा
दो,
दिया
बुझा
दो
कुछ
एक
लम्हों
को
रौशनी
का
गला
दबा
दो,
दिया
बुझा
दो
रिवाज़-ए-महफ़िल
निभा
रहा
हूँ
बता
रहा
हूँ
मैं
जा
रहा
हूँ
मुझे
विदा
दो,
जो
रोना
चाहे
उन्हें
बुला
दो,
दिया
बुझा
दो
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Vikram Gaur Vairagi
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क़ज़्ज़ाक़
थी
वो
दो
निगाहें
तो
उन्हें
तो
सरकार
को
ही
बैन
रखना
चाहिए
था
Manoj Devdutt
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हम
मुब्तला-ए-ग़म
कभी
होंगे
नहीं
होगा
दुखी
दुख
हम
दुखी
होंगे
नहीं
Manoj Devdutt
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पहले
मुझको
ख़लील
करता
है
फिर
मुझे
वो
ज़लील
करता
है
जानता
है
ग़लत
है
वो
फिर
भी
पेश
अपनी
दलील
करता
है
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Manoj Devdutt
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स्वाभिमानी
को
यहाँ
कीमत
चुकानी
पड़
रही
है
फिर
कई
रातें
बिना
खाए
बितानी
पड़
रही
है
Manoj Devdutt
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अब
सिर्फ़
प्यार
से
तो
ज़िन्दगी
नहीं
चलती
पर
प्यार
के
बिना
भी
ज़िन्दगी
नहीं
चलती
Manoj Devdutt
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