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Manish Yadav
nafrati ye log dekho haath apne mal rahe hain
nafrati ye log dekho haath apne mal rahe hain | नफ़रती ये लोग देखो हाथ अपने मल रहे हैं
- Manish Yadav
नफ़रती
ये
लोग
देखो
हाथ
अपने
मल
रहे
हैं
इश्क़
की
ये
राह
कब
से
ये
दिवाने
चल
रहे
हैं
तय
हुआ
था
बस्तियाँ
ये
होंगी
रौशन
रौशनी
से
पर
चराग़ों
की
जगह
अब
आशियाने
जल
रहे
हैं
- Manish Yadav
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क्या
लोग
हैं
कि
दिल
की
गिरह
खोलते
नहीं
आँखों
से
देखते
हैं
मगर
बोलते
नहीं
Akhtar Hoshiyarpuri
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कान्हा
होंगे
लोग
वहाँ
के
राधा
होंगी
बालाएँ
प्यार
की
बंसी
बजती
होगी
हर
समय
हर
ठाओं
रे
Ghaus Siwani
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रफ़्ता
रफ़्ता
सब
कुछ
समझ
गया
हूँ
मैं
लोग
अचानक
टैरेस
से
क्यूँ
कूद
गए
Shadab Asghar
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लोग
टूट
जाते
हैं
एक
घर
बनाने
में
तुम
तरस
नहीं
खाते
बस्तियाँ
जलाने
में
Bashir Badr
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अगर
हुकूमत
तुम्हारी
तस्वीर
छाप
दे
नोट
पर
मेरी
दोस्त
तो
देखना
तुम
कि
लोग
बिल्कुल
फ़ुज़ूल-ख़र्ची
नहीं
करेंगे
Rehman Faris
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कुछ
लोग
ख़यालों
से
चले
जाएँ
तो
सोएँ
बीते
हुए
दिन
रात
न
याद
आएँ
तो
सोएँ
Habib Jalib
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गरचे
अहल-ए-शराब
हैं
हम
लोग
ये
न
समझो
ख़राब
हैं
हम
लोग
Jigar Moradabadi
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रो
रहा
है
बशर
मगर
देखो
ज़िन्दगी
को
रफ़ू
नहीं
करता
Tarun Pandey
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इश्क़
क़ैस
फ़रहाद
रोमियो
जैसे
ही
कर
सकते
हैं
हम
तो
ठहरे
दस
से
छह
तक
ऑफ़िस
जाने
वाले
लोग
Vashu Pandey
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कैसे
मंज़र
सामने
आने
लगे
हैं
गाते
गाते
लोग
चिल्लाने
लगे
हैं
Dushyant Kumar
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प्यार
क्या
है
ये
हमको
नहीं
थी
ख़बर
एक
अंजान
रिश्ता
निभाने
लगे
Manish Yadav
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आज
तो
चाँद
भी
यहाँ
देखो
इश्क़
में
झूम
अब
रहा
पीकर
Manish Yadav
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मोहब्बत
की
क्या
दास्ताँ
हम
सुनाएँ
न
देखी
कभी
थी
न
जानी
कभी
थी
मोहब्बत
का
झूठा
है
इल्ज़ाम
हम
पर
करी
थी
कभी
भी
न
मानी
कभी
थी
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Manish Yadav
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है
कुछ
तो
बात
उन
में
ख़ामोश
आजकल
हैं
टूटे
हुए
हैं
या
फिर
मदहोश
आजकल
हैं
सर
कट
रहें
हैं
देखो
मज़हब
के
नाम
पर
अब
हैरत
है
लोग
देखो
बेहोश
आजकल
हैं
है
काम
जिनका
सच
में
सच
को
हमें
बताना
डर
से
निज़ाम
के
वो
ख़ामोश
आजकल
हैं
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Manish Yadav
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गए
थे
हम
उनको
बुलाने
वहाँ
पर
न
वो
थे
न
मौसम
सुहाने
वहाँ
पर
उन्हें
बाँहों
में
भरने
की
चाह
में
तब
गुज़ारे
थे
कितने
ज़माने
वहाँ
पर
ख़बर
क्या
परिंदे
फँसे
जाल
में
आ
यूँँ
बिखरे
पड़े
थे
जो
दाने
वहाँ
पर
जो
पूछा
उन्होंने
कि
क्या
काम
है
फिर
लगे
बात
हम
भी
बनाने
वहाँ
पर
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Manish Yadav
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