hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Jaypratap chauhan
vo qaateel hai use qaateel hi rahne do
vo qaateel hai use qaateel hi rahne do | वो क़ातिल है उसे क़ातिल ही रहने दो
- Jaypratap chauhan
वो
क़ातिल
है
उसे
क़ातिल
ही
रहने
दो
कहीं
'आशिक़
हुआ
तो
क्या
ग़ज़ब
होगा
- Jaypratap chauhan
Download Sher Image
हम
दोनों
मिल
कर
भी
दिलों
की
तन्हाई
में
भटकेंगे
पागल
कुछ
तो
सोच
ये
तूने
कैसी
शक्ल
बनाई
है
Jaun Elia
Send
Download Image
51 Likes
दिल-ए-सोज़ाँ
को
भी
महका
रहे
हैं
हमें
जो
ख़्वाब
तेरे
आ
रहे
हैं
तेरे
शैदाई
पागल
हो
चुके
हैं
तिरी
तस्वीर
चू
में
जा
रहे
हैं
Read Full
Siddharth Saaz
Send
Download Image
8 Likes
दिन
तो
ख़ैर
गुज़र
जाता
है
रातें
पागल
कर
देती
हैं
Noon Meem Danish
Send
Download Image
23 Likes
जिसकी
ख़ातिर
कितनी
रातें
सुलगाई
जिसके
दुख
में
दिल
जाने
क्यूँ
रोता
है
इक
दिन
हम
सेे
पूछ
रही
थी
वो
लड़की
प्यार
में
कोई
पागल
कैसे
होता
है
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
40 Likes
मेरा
हाथ
पकड़
ले
पागल,
जंगल
है
जितना
भी
रौशन
हो
जंगल,
जंगल
है
Umair Najmi
Send
Download Image
80 Likes
जौन
तुम्हें
ये
दौर
मुबारक,
दूर
ग़म-ए-अय्याम
से
हो
एक
पागल
लड़की
को
भुला
कर
अब
तो
बड़े
आराम
से
हो
Jaun Elia
Send
Download Image
160 Likes
अपनी
ज़बाँ
से
कुछ
न
कहेंगे
चुप
ही
रहेंगे
'आशिक़
लोग
तुम
से
तो
इतना
हो
सकता
है
पूछो
हाल
बेचारों
का
Ibn E Insha
Send
Download Image
24 Likes
तुम्हारी
बात
करने
की
अदा
ने
ही
किया
पागल
न
जाने
हाल
क्या
होता,
अगर
तुम
शा'इरी
करती
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
56 Likes
अपने
दिल
में
बसाओगे
हमको
और
गले
से
लगाओगे
हमको
हम
नहीं
इतने
प्यार
के
क़ाबिल
तुम
तो
पागल
बनाओगे
हमको
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
104 Likes
तेरी
गली
को
छोड़
के
पागल
नहीं
गया
रस्सी
तो
जल
गई
है
मगर
बल
नहीं
गया
मजनूँ
की
तरह
छोड़ा
नहीं
मैं
ने
शहर
को
या'नी
मैं
हिज्र
काटने
जंगल
नहीं
गया
Read Full
Ismail Raaz
Send
Download Image
71 Likes
Read More
कभी
जो
ख़ुश
हुआ
करते
मिरे
बस
मुस्कुराने
पर
वही
अब
दूर
जाते
हैं
मिरे
बस
पास
आने
पर
ग़मों
से
भागने
वाले
तुझे
इक
मशवरा
मैं
दूँ
सभी
ग़म
भाग
जाते
हैं
गले
दो
घूँट
जाने
पर
Read Full
Jaypratap chauhan
Send
Download Image
0 Likes
इस
क़दर
तोड़ा
मुझे
मैं
जुड़
नहीं
सकता
कभी
मैं
परिंदा
चोट
खाया
उड़
नहीं
सकता
कभी
Jaypratap chauhan
Send
Download Image
2 Likes
जाने
न
कुछ
भी
बे-ख़बर
ये
ज़िंदगी
लगने
लगी
अब
बे-असर
ये
ज़िंदगी
पड़ने
लगी
मेरे
बदन
पे
झुर्रियाँ
अब
तो
करे
मेरी
क़दर
ये
ज़िंदगी
कोई
न
है
रहबर
न
कोई
यार
है
ऐसे
नहीं
होगी
बसर
ये
ज़िंदगी
कोई
शिकायत
हो
अगर
कह
दो
मुझे
मुझ
पर
बची
है
मुख़्तसर
ये
ज़िंदगी
Read Full
Jaypratap chauhan
Download Image
0 Likes
है
बहुत
ही
ख़ूब-सूरत
यार
दिल्ली
शायरों
की
है
वकालत
यार
दिल्ली
दिल
है
मेरा
सर-ज़मीं
है
और
यारों
मेरी
रहती
है
मोहब्बत
यार
दिल्ली
Read Full
Jaypratap chauhan
Send
Download Image
0 Likes
मेरा
नसीब
एक
वफ़ा
की
तरह
रहा
माँगी
बहुत
मगर
न
इनायत
मुझे
मिली
Jaypratap chauhan
Send
Download Image
1 Like
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Tamanna Shayari
Khafa Shayari
Haalaat Shayari
Subah Shayari
Garmi Shayari