khone ka tujhko dar nikle | खोने का तुझको डर निकले

  - Divya 'Kumar Sahab'
खोनेकातुझकोडरनिकले
बेचैनीसेहममरनिकले
साँसोंमेंतबसाँसेंआईं
जबदिलकेतुमअंदरनिकले
मुझकोतुझसेेप्यारनहींतो
फिरआँसूक्यूँबाहरनिकले
बसइकहीअंतिमहसरतहै
हमबसतेरेबनकरनिकले
हाँरहतेहैंअबराहोंमें
तुझबिनतोहमबेघरनिकले
आशाथीमरहमदोगेतुम
परआखरसबख़ंजरनिकले
तुझसेेमिलनेकोख़्वाबोंमें
बिनचादरकेसोकरनिकले
अपनेपर्वतकोपानेमें
बनकेअंबरसागरनिकले
अबसावनबरसेजितनाभी
परतुझबिनछतबंजरनिकले
  - Divya 'Kumar Sahab'
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