us ke kooche se jab bhi guzarte hain | उस के कूचे से जब भी गुज़रते हैं

  - Rohan Hamirpuriya
उसकेकूचेसेजबभीगुज़रतेहैं
ज़ेहनमेंबादलग़मकेउभरतेहैं
कामआतीहैबंदगीकोई
आशिक़जबवादेसेमुकरतेहैं
उसकेहुस्नकाकहनाहीक्यायारों
बिखरताहूँमैंजबवोसँवरतेहैं
इनख़्वाबोंकोसहेजतोलूँमगर
टूटेइकतोबाक़ीबिखरतेहैं
शा'इरीवोफ़नहैयारोंजिससे
आशिक़ीकेअंदाज़निखरतेहैं
  - Rohan Hamirpuriya
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