kisi ki ab zaroorat ho rahi hai | किसी की अब ज़रूरत हो रही है

  - Khalid Azad
किसीकीअबज़रूरतहोरहीहै
यहीअबदिलकीचाहतहोरहीहै
कहाँठहरेगादिलकाक़ाफ़िलाये
अभीतकइसकीहिजरतहोरहीहै
पड़ीहैइश्क़मेंजबसेमेरेदिन
ब-दिनवोख़ूब-सूरतहोरहीहै
बिछड़करफिरउसेएहसासहोगा
मोहब्बतअबमोहब्बतहोरहीहै
कभीउनकेग़मोंपेमैंहंसाथा
तोअपनीआजशिरकतहोरहीहै
सभीइल्ज़ाममुझपररहेहैं
अजबदिलकीवकालतहोरहीहै
बिनासजदेहीआँसूगिररहेहैं
किअबसच्चीइबादतहोरहीहै
  - Khalid Azad
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