KHud ko yoon mubtila sa rakhna hai | ख़ुद को यूँं मुब्तिला सा रखना है

  - Khalid Azad
ख़ुदकोयूँंमुब्तिलासारखनाहै
तुमसेकुछसिलसिलासारखनाहै
तुमकोआनानहींहैमिलनेपर
दरकोअपनेखुलासारखनाहै
कोईमुश्किलनहींहैतेराग़म
दिलकोबसहौसलासारखनाहै
भीजाओकज़ासेपहलेतुम
ऐसेमेंक्यागिलासारखनाहै
यादेंतेरीहोमेरेरस्तेपर
अबतोयेक़ाफिलासारखनाहै
अबतेराग़मछुपानाहैहंसकर
अबतोयेमशग़लासारखनाहै
  - Khalid Azad
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