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Aashish kargeti 'Kash'
mujh ko dilbar din-bhar sun
mujh ko dilbar din-bhar sun | मुझ को दिलबर दिन-भर सुन
- Aashish kargeti 'Kash'
मुझ
को
दिलबर
दिन-भर
सुन
कुछ
अच्छी
बातें
कर
सुन
हर
धड़कन
पर
नाम
तिरा
सीने
पर
सर
रख
कर
सुन
फट
से
हो
जा
मेरी
अब
ग़ौर
से
मेरा
मंतर
सुन
जो
बाहर
है
रहने
दे
जो
तेरे
है
भीतर
सुन
दूर
के
ढोल
लगे
अच्छे
पास
से
इनको
आ
कर
सुन
क्या
आऊँगा
दिन
में
याद
जाना
है
कल
दफ़्तर
सुन
दिल
तो
सारे
झूठे
है
क्या
कहता
ये
पत्थर
सुन
तेरे
चक्कर
में
'आशीष'
सालों
भटका
दर
दर
सुन
- Aashish kargeti 'Kash'
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अगर
हमारे
ही
दिल
में
ठिकाना
चाहिए
था
तो
फिर
तुझे
ज़रा
पहले
बताना
चाहिए
था
Shakeel Jamali
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शाम-ए-फ़िराक़
अब
न
पूछ
आई
और
आ
के
टल
गई
दिल
था
कि
फिर
बहल
गया
जाँ
थी
कि
फिर
सँभल
गई
Faiz Ahmad Faiz
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झुकी
झुकी
सी
नज़र
बे-क़रार
है
कि
नहीं
दबा
दबा
सा
सही
दिल
में
प्यार
है
कि
नहीं
Kaifi Azmi
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दोस्त
ने
दिल
को
तोड़
के
नक़्श-ए-वफ़ा
मिटा
दिया
समझे
थे
हम
जिसे
ख़लील
काबा
उसी
ने
ढा
दिया
Arzoo Lakhnavi
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हर
धड़कते
पत्थर
को
लोग
दिल
समझते
हैं
'उम्रें
बीत
जाती
हैं
दिल
को
दिल
बनाने
में
Bashir Badr
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तुम्हारे
ख़त
को
जलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
ये
दिल
बाहर
निकलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
तुम्हारा
फ़ैसला
है
पास
रुकना
या
नहीं
रुकना
मेरी
क़िस्मत
बदलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
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Tanoj Dadhich
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नहीं
ये
फ़िक्र
कोई
रहबर-ए-कामिल
नहीं
मिलता
कोई
दुनिया
में
मानूस-ए-मिज़ाज-ए-दिल
नहीं
मिलता
Asrar Ul Haq Majaz
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रात
यूँँ
दिल
में
तिरी
खोई
हुई
याद
आई
जैसे
वीराने
में
चुपके
से
बहार
आ
जाए
Faiz Ahmad Faiz
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हम
को
दिल
से
भी
निकाला
गया
फिर
शहरस
भी
हम
को
पत्थर
से
भी
मारा
गया
फिर
ज़हरस
भी
Azm Shakri
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तो
क्या
ये
हो
नहीं
सकता
कि
तुझ
से
दूर
हो
जाऊँँ
मैं
तुझ
को
भूलने
के
वासते
मजबूर
हो
जाऊँ
सुना
है
टूटने
पर
दिल
सभी
कुछ
कर
गुजरते
हैं
मुझे
भी
तोड़
दो
इतना
कि
मैं
मशहूर
हो
जाऊँ
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SHIV SAFAR
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कुछ
न
होगा
सिवाए
रोने
के
हादसे
में
चली
गई
है
जान
Aashish kargeti 'Kash'
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उस
ने
मेरे
घर
के
तब
खर्चे
संँभाले
मैंने
जब
दफ़्तर
के
सब
पर्चे
संँभाले
Aashish kargeti 'Kash'
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कभी
तो
कर
लिया
कर
मुझ
से
मेरा
ज़िक्र
कभी
आराम
दिल
को
मेरे
भी
आए
Aashish kargeti 'Kash'
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ख़ास,
जिगरी,
मान
ले
मतलूब
से
हिज्र
'कश'
तुझे
मंजूर
है?
महबूब
से
हिज्र
Aashish kargeti 'Kash'
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नहीं
मालूम
वो
कुछ
ना
करें
तो
क्या
करे
दिवाली
है,
उसे
कह
दो-
परेशाँ
न
करे
Aashish kargeti 'Kash'
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