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Meem Alif Shaz
meri qismat is tarah se badli hai
meri qismat is tarah se badli hai | मेरी क़िस्मत इस तरह से बदली है
- Meem Alif Shaz
मेरी
क़िस्मत
इस
तरह
से
बदली
है
मेरा
दुश्मन
देखता
ही
रह
गया
- Meem Alif Shaz
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रंग
बदला
यार
ने
वो
प्यार
की
बातें
गईं
वो
मुलाक़ातें
गईं
वो
चाँदनी
रातें
गईं
Hafeez Jalandhari
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उस
ने
इस
तरह
से
बदला
है
रवय्या
अपना
पूछना
पड़ता
है
हर
वक़्त,
तुम्हीं
हो
ना
दोस्त?
Inaam Azmi
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तेरी
तारीफ़
करने
लग
गए
हैं
तेरे
दुश्मन
हमारे
शे'र
सुनके
Tanoj Dadhich
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मुझ
सेे
जो
मुस्कुरा
के
मिला
हो
गया
उदास
ताज़ा
हवा
की
खिड़कियों
को
जंग
लग
गई
Siddharth Saaz
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जंग
में
जिन्हे
अब
तक
तुम
झुका
न
पाए
थे
झुक
रही
हैं
वो
सारी
पगड़ियाँ
मोहब्बत
में
Alankrat Srivastava
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कच्चा
सा
घर
और
उस
पर
जोरों
की
बरसात
है
ये
तो
कोई
खानदानी
दुश्मनी
की
बात
है
Saahir
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ज़रा
मौसम
तो
बदला
है
मगर
पेड़ों
की
शाख़ों
पर
नए
पत्तों
के
आने
में
अभी
कुछ
दिन
लगेंगे
बहुत
से
ज़र्द
चेहरों
पर
ग़ुबार-ए-ग़म
है
कम
बे-शक
पर
उन
को
मुस्कुराने
में
अभी
कुछ
दिन
लगेंगे
Javed Akhtar
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पहले
ख़याल
रख
मिरा
मेहमान
कर
मुझे
फिर
अपनी
कोई
चाल
से
हैरान
कर
मुझे
हैं
कौन
आप,
याद
नहीं,कब
मिले
थे
हम
इतना
भी
ख़ुश
न
होइए
पहचान
कर
मुझे
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Divyansh "Dard" Akbarabadi
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वो
जंग
जिस
में
मुक़ाबिल
रहे
ज़मीर
मिरा
मुझे
वो
जीत
भी
'अंबर'
न
होगी
हार
से
कम
Ambreen Haseeb Ambar
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जो
दोस्त
हैं
वो
माँगते
हैं
सुलह
की
दु'आ
दुश्मन
ये
चाहते
हैं
कि
आपस
में
जंग
हो
Lala Madhav Ram Jauhar
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सब
ने
यही
सोचा
की
वो
आवाज़
है
तूफ़ान
तो
ऐसे
नहीं
आता
कभी
Meem Alif Shaz
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मैं
तो
हूँ
बचपन
से
ज़रा
सादा
मिज़ाज
तुम
को
मनाना
तो
मिरे
बस
का
नहीं
Meem Alif Shaz
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किस
क़दर
हैं
हम
सभी
मजबूर
साहिब
मौत
ले
जाती
है
हम
को
दूर
साहिब
रोज़
उस
को
देखने
जाते
हैं
छह
बार
इश्क़
में
हम
बन
गए
मज़दूर
साहिब
ख़ुद-कुशी
का
शौक़
किस
को
है
यहाँ
पर
उलझनें
कर
देती
हैं
मजबूर
साहिब
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Meem Alif Shaz
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अब
वो
छत
पर
मुझे
ऐसे
बुलाती
है
जैसे
वो
धूप
जाड़े
में
दिसंबर
की
Meem Alif Shaz
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ज़माना
हम
को
दिल
से
चाहता
है
तभी
तो
करता
है
हर
पल
बुराई
Meem Alif Shaz
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