hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
mire ghar ko jalane waale sun le
mire ghar ko jalane waale sun le | मिरे घर को जलाने वाले सुन ले
- Meem Alif Shaz
मिरे
घर
को
जलाने
वाले
सुन
ले
तिरे
घर
की
ख़ुशी
भी
जल
गई
है
- Meem Alif Shaz
Download Sher Image
ये
तुमने
कैसा
बना
कर
हमें
किया
है
गुम
ख़ुशी
से
झूम
उठेगा
जिसे
मिलेंगे
हम
Swapnil Tiwari
Send
Download Image
30 Likes
हुनर
से
काम
लिया
पेंट
ब्रश
नहीं
तोड़ा
बना
लिया
तेरे
जैसा
ही
कोई
रंगों
से
मुझे
ये
डर
है
कि
मिल
जाएगी
तो
रो
दूँगा
मैं
जिस
ख़ुशी
को
तरसता
रहा
हूँ
बरसों
से
Read Full
Rahul Gurjar
Send
Download Image
9 Likes
तिरे
वादे
पर
जिए
हम
तो
ये
जान
झूट
जाना
कि
ख़ुशी
से
मर
न
जाते
अगर
ए'तिबार
होता
Mirza Ghalib
Send
Download Image
37 Likes
गुमान
है
या
किसी
विश्वास
में
है
सभी
अच्छे
दिनों
की
आस
में
है
ये
कैसा
जश्न
है
घर
वापसी
का
अभी
तो
राम
ही
वनवास
में
है
Read Full
Azhar Iqbal
Send
Download Image
65 Likes
ये
ज़िंदगी
भी
अजब
कारोबार
है
कि
मुझे
ख़ुशी
है
पाने
की
कोई
न
रंज
खोने
का
Javed Akhtar
Send
Download Image
46 Likes
इन्हीं
ग़म
की
घटाओं
से
ख़ुशी
का
चाँद
निकलेगा
अँधेरी
रात
के
पर्दे
में
दिन
की
रौशनी
भी
है
Akhtar Shirani
Send
Download Image
21 Likes
कुछ
तो
हवा
भी
सर्द
थी
कुछ
था
तिरा
ख़याल
भी
दिल
को
ख़ुशी
के
साथ
साथ
होता
रहा
मलाल
भी
Parveen Shakir
Send
Download Image
65 Likes
शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
Read Full
Aman G Mishra
Send
Download Image
2 Likes
किस
की
होली
जश्न-ए-नौ-रोज़ी
है
आज
सुर्ख़
मय
से
साक़िया
दस्तार
रंग
Imam Bakhsh Nasikh
Send
Download Image
19 Likes
तुम्हारे
बाद
इस
आँगन
में
फूल
खिलने
पर
ख़ुशी
हुई
भी
तो
ये
दुख
हुआ
कि
दें
किसको
Mohit Dixit
Send
Download Image
36 Likes
Read More
फ़लक
पे
जो
सितारें
हैं
वो
प्यारे
हैं
ख़ुदास
हो
मोहब्बत
तो
हमारे
हैं
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
अभी
ख़ामोश
है
ग़ुस्सा
हमारा
अभी
देखा
नहीं
जज़्बा
हमारा
कभी
टूटी
हुई
तलवार
समझो
अभी
आया
नहीं
मौक़ा
हमारा
सिफ़ारिश
चल
रही
है
ज़िन्दगी
से
न
जाने
कब
खुले
रस्ता
हमारा
बुलाने
की
कभी
कोशिश
तो
करते
पिघल
जाता
तभी
शीशा
हमारा
मोहब्बत
से
नहीं
कोई
लड़ाई
मगर
नफ़रत
से
है
झगड़ा
हमारा
नहीं
खाई
कभी
रिश्वत
किसी
की
तभी
तो
रंग
है
फीका
हमारा
उदासी
फेंक
दी
कमरे
से
बाहर
कहीं
हो
जाए
फिर
चर्चा
हमारा
निकलते
जा
रहे
साँसों
के
धागे
बहुत
ही
कम
बचा
जीना
हमारा
मोहब्बत
करना
सीखेंगे
मेरे
शाज़
यहाँ
चलता
नहीं
सिक्का
हमारा
Read Full
Meem Alif Shaz
Download Image
0 Likes
मोहब्बत
से
भरा
है
घर
हमारा
चले
आओ
खुला
है
दर
हमारा
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
बारिशें
आने
से
बाज़ार
बदल
जाता
है
बेचने
वालों
का
किरदार
बदल
जाता
है
वा'दा
तो
करता
है
इस
बार
नहीं
बदलेगा
यह
अलग
बात
कि
हर
बार
बदल
जाता
है
ज़िन्दगी
कुछ
नहीं
बस
चलता
हुआ
नाटक
है
कोई
जाए
तो
अदाकार
बदल
जाता
है
सारी
तदबीरें
ज़रूरी
हैं
दु'आओं
के
साथ
हादसा
होने
से
घरबार
बदल
जाता
है
Read Full
Meem Alif Shaz
Download Image
0 Likes
नहीं
भूलो
दिसंबर
की
नवाज़िश
को
कि
इस
ने
जनवरी
को
भी
बुलाया
है
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Shohrat Shayari
Wajood Shayari
Pandemic Shayari
Naqab Shayari
Ibaadat Shayari