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Meem Alif Shaz
main kise aawaaz deta chaar ya paanch
main kise aawaaz deta chaar ya paanch | मैं किसे आवाज़ देता चार या पाँच
- Meem Alif Shaz
मैं
किसे
आवाज़
देता
चार
या
पाँच
लोग
तो
ख़ुद
को
बचाने
में
लगे
थे
- Meem Alif Shaz
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ज़िक्र
तबस्सुम
का
आते
ही
लगते
हैं
इतराने
लोग
और
ज़रा
सी
ठेस
लगी
तो
जा
पहुँचे
मयख़ाने
लोग
Ateeq Allahabadi
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कान्हा
होंगे
लोग
वहाँ
के
राधा
होंगी
बालाएँ
प्यार
की
बंसी
बजती
होगी
हर
समय
हर
ठाओं
रे
Ghaus Siwani
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अलमास
धरे
रह
जाते
हैं
बिकता
है
तो
पत्थर
बिकता
है
अजनास
नहीं
इस
दुनिया
में
इंसाँ
का
मुक़द्दर
बिकता
है
'खालिद
सज्जाद'
सुनार
हूँ
मैं
इस
ग़म
को
ख़ूब
समझता
हूँ
जब
बेटा
छुप
कर
रोता
है
तब
माँ
का
ज़ेवर
बिकता
है
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Khalid Sajjad
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तलब
करें
तो
ये
आँखें
भी
इन
को
दे
दूँ
मैं
मगर
ये
लोग
इन
आँखों
के
ख़्वाब
माँगते
हैं
Abbas rizvi
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सब
लोग
जिधर
वो
हैं
उधर
देख
रहे
हैं
हम
देखने
वालों
की
नज़र
देख
रहे
हैं
Dagh Dehlvi
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जुदा
हुए
हैं
बहुत
लोग
एक
तुम
भी
सही
अब
इतनी
बात
पे
क्या
ज़िंदगी
हराम
करें
Nasir Kazmi
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अगर
हुकूमत
तुम्हारी
तस्वीर
छाप
दे
नोट
पर
मेरी
दोस्त
तो
देखना
तुम
कि
लोग
बिल्कुल
फ़ुज़ूल-ख़र्ची
नहीं
करेंगे
Rehman Faris
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सब
की
हिम्मत
नहीं
ज़माने
में
लोग
डरते
हैं
मुस्कुराने
में
एक
लम्हा
भी
ख़र्च
होता
नहीं
मेरी
ख़ुशियों
को
आने
जाने
में
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Vishal Singh Tabish
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मिरी
ज़बान
के
मौसम
बदलते
रहते
हैं
मैं
आदमी
हूँ
मिरा
ए'तिबार
मत
करना
Asim Wasti
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मिरे
किरदार
जाने
दे
नज़रअंदाज
कर
दे
ख़ुदा
की
फ़िल्म
है
ये
आदमी
से
क्या
शिकायत
Vikram Sharma
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जो
ख़ून
पी
ले
हर
दिए
का
चुपके
से
ऐसी
हवा
से
रिश्ता
जोड़ा
ही
नहीं
Meem Alif Shaz
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तुम
गरीबों
से
गरीबों
की
तरह
मिलते
रहो
यह
मदद
काफ़ी
है
उनके
मुस्कुराने
के
लिए
Meem Alif Shaz
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रात
आते
ही
याद
आते
हैं
क़ब्र
के
लम्हें
फिर
सताते
हैं
Meem Alif Shaz
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वो
बरहम
है
लेकिन
पूछा
है
कैसे
हो
याद
बहुत
आती
है
अब
हम
कैसे
कह
दे
Meem Alif Shaz
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पहले
क्या
थे
और
अब
क्या
हो
गए
लोग
अपने
कर्मों
से
तमाशा
हो
गए
लोग
बंदगी
पहले
भी
तो
होती
थी
लेकिन
अब
दु'आओं
से
मसीहा
हो
गए
लोग
इश्क़
भी
करने
नहीं
देते
करे
क्या
तन्हा
रहते
रहते
सहरा
हो
गए
लोग
शाज़
तू
भी
उनके
जैसा
मत
हो
जाना
वो
जो
चिड़ने
से
धुआँ
सा
हो
गए
लोग
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Meem Alif Shaz
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