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Meem Alif Shaz
aaj apne aise bhi hain arshad
aaj apne aise bhi hain arshad | आज अपने ऐसे भी हैं अरशद
- Meem Alif Shaz
आज
अपने
ऐसे
भी
हैं
अरशद
घर
जलाते
हैं
ख़ुश
हो
जाते
हैं
- Meem Alif Shaz
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तेरे
सिवा
भी
कई
रंग
ख़ुश
नज़र
थे
मगर
जो
तुझको
देख
चुका
हो
वो
और
क्या
देखे
Parveen Shakir
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हाँ
यही
मेरी
ख़ुद-शनासी
है
जिस्म
ताज़ा
है
रूह
बासी
है
सब
हँसी
को
हँसी
समझते
हैं
तुम
तो
समझो
हँसी
उदासी
है
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Armaan khan
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हम
ऐसे
लोग
भी
जाने
कहाँ
से
आते
हैं
ख़ुशी
में
रोते
हैं
जो
ग़म
में
मुस्कुराते
हैं
हमारा
साथ
भला
कब
तलक
निभाते
आप
कभी
कभी
तो
हमीं
ख़ुद
से
ऊब
जाते
हैं
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Mohit Dixit
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मुझे
ख़बर
नहीं
ग़म
क्या
है
और
ख़ुशी
क्या
है
ये
ज़िंदगी
की
है
सूरत
तो
ज़िंदगी
क्या
है
Shadan Ahsan Marehrvi
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मुद्दत
के
बाद
ख़्वाब
में
आया
था
मेरा
बाप
और
उसने
मुझ
सेे
इतना
कहा
ख़ुश
रहा
करो
Abbas Tabish
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उदास
लोग
इसी
बात
से
हैं
ख़ुश
कि
चलो
हमारे
साथ
हुए
हादसों
की
बात
हुई
Abhishar Geeta Shukla
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नाम
पे
हम
क़ुर्बान
थे
उस
के
लेकिन
फिर
ये
तौर
हुआ
उस
को
देख
के
रुक
जाना
भी
सब
से
बड़ी
क़ुर्बानी
थी
मुझ
से
बिछड़
कर
भी
वो
लड़की
कितनी
ख़ुश
ख़ुश
रहती
है
उस
लड़की
ने
मुझ
से
बिछड़
कर
मर
जाने
की
ठानी
थी
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Jaun Elia
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ख़ुशी
की
बात
और
है
ग़मों
की
बात
और
तुम्हारी
बात
और
है
हमारी
बात
और
Anwar Taban
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क्या
तकल्लुफ़
करें
ये
कहने
में
जो
भी
ख़ुश
है
हम
उस
से
जलते
हैं
Jaun Elia
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इक
और
किताब
ख़त्म
की
फिर
उस
को
फाड़
कर
काग़ज़
का
इक
जहाज़
बनाया
ख़ुशी
हुई
Ameer Imam
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तेरी
आँखें
देख
न
पाएगी
ये
ग़म
के
मंज़र
अपने
ग़म
से
पहले
ख़ुद
को
किसी
के
ग़म
में
रख
दे
Meem Alif Shaz
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तन्हाई
को
देखो
कितनी
गहरी
है
तुम
जब
मुझ
को
छोड़ोगी
तो
डूबोगी
Meem Alif Shaz
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चराग़ों
की
हुकूमत
चल
रही
है
जिधर
देखो
रफ़ाक़त
चल
रही
है
हमारी
नस्लें
सब
आबाद
होंगी
मोहब्बत
ही
मोहब्बत
चल
रही
है
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Meem Alif Shaz
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काँटों
पे
भी
चलने
की
आदत
डालो
यारों
जब
ताज़ी
रोटी
न
मिले
सूखी
खालो
यारों
लोग
तो
काफ़ी
काम
भलाई
का
करते
ही
हैं
अपने
घर
में
एक
कबूतर
भी
पालो
यारों
यह
सरकार
तो
तुम
को
पूरा
घाइल
कर
देगी
अपनी
ज़ुबाँ
पे
इक
अच्छा
ताला
डालो
यारों
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Meem Alif Shaz
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जब
भी
शक़
ने
घेरा
मुझ
को
कोई
दवा
फिर
काम
न
आई
Meem Alif Shaz
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