tumhaare lafzon men itni thakan kyuuñ hai | तुम्हारे लफ़्ज़ों में इतनी थकन क्यूँ है

  - Meem Alif Shaz
तुम्हारेलफ़्ज़ोंमेंइतनीथकनक्यूँहै
ग़ज़लज़िंदाहैतोउसपेकफ़नक्यूँहै
अगरदौलतख़ुशीकाहैनयामें'यार
अमीरोंकीजबींपेयहशिकनक्यूँहै
येमानाहैमोहब्बतभीहैइकनेकी
तोइसमेंबेवफ़ाईकाचलनक्यूँहै
मुझेतोवोमिलाहैजोमुक़द्दरथा
मिरेअपनोंकोमुझसेफिरजलनक्यूँहै
  - Meem Alif Shaz
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