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Meem Alif Shaz
tum ne ishq men sach bola hai kaise yaqeen kar loo
tum ne ishq men sach bola hai kaise yaqeen kar loo | तुम ने इश्क़ में सच बोला है कैसे यक़ीं कर लू
- Meem Alif Shaz
तुम
ने
इश्क़
में
सच
बोला
है
कैसे
यक़ीं
कर
लू
जब
मैंने
भी
तुम
से
कोई
सच
बोला
ही
नहीं
- Meem Alif Shaz
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किसी
ने
प्यार
जताया
जता
के
छोड़
दिया
हवा
में
मुझको
उठाया
उठा
के
छोड़
दिया
किसे
सिखा
रहे
हो
इश्क़
तुम
नए
लड़के
ये
राग
हमने
मियाँ
गा
बजा
के
छोड़
दिया
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Vishnu virat
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हर
लड़के
में
एक
ख़राबी
होती
है
उसको
अपना
इश्क़
इबादत
लगता
है
Saurabh Sharma 'sadaf'
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इश्क़
में
जी
को
सब्र
ओ
ताब
कहाँ
उस
से
आँखें
लड़ीं
तो
ख़्वाब
कहाँ
Meer Taqi Meer
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मैं
कैसे
मान
लूँ
कि
इश्क़
बस
इक
बार
होता
है
तुझे
जितनी
दफ़ा
देखूँ
मुझे
हर
बार
होता
है
तुझे
पाने
की
हसरत
और
डर
ना-कामियाबी
का
इन्हीं
दो
तीन
बातों
से
ये
दिल
दो
चार
होता
है
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Bhaskar Shukla
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एक
दरवेश
को
तिरी
ख़ातिर
सारी
बस्ती
से
इश्क़
हो
गया
है
Ammar Iqbal
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अश्क़-ओ-ख़ून
घुलते
हैं
तब
दीदा-ए-तर
बनती
है
दास्तान
इश्क़
में
मरने
से
अमर
बनती
है
Jaani Lakhnavi
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दिल
से
निकलेगी
न
मर
कर
भी
वतन
की
उल्फ़त
मेरी
मिट्टी
से
भी
ख़ुशबू-ए-वफ़ा
आएगी
Lal Chand Falak
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नई
दुनिया
बनाऊँगा
मगर
मैं
अपनी
दुनिया
का
ख़ुदा
भी
इश्क़
में
खोया
हुआ
लड़का
बनाऊँगा
Satya Prakash Soni
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लड़
सको
दुनिया
से
जज़्बों
में
वो
शिद्दत
चाहिए
इश्क़
करने
के
लिए
इतनी
तो
हिम्मत
चाहिए
कम
से
कम
मैंने
छुपा
ली
देख
कर
सिगरेट
तुम्हें
और
इस
लड़के
से
तुमको
कितनी
इज़्ज़त
चाहिए
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Nadeem Shaad
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तेरे
बग़ैर
ख़ुदा
की
क़सम
सुकून
नहीं
सफ़ेद
बाल
हुए
हैं
हमारा
ख़ून
नहीं
न
हम
ही
लौंडे
लपाड़ी
न
कच्ची
उम्र
का
वो
ये
सोचा
समझा
हुआ
इश्क़
है
जुनून
नहीं
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Shamim Abbas
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हम
अपने
अंदर
का
खज़ाना
भूल
गए
फिर
ख़ुद
को
इंसान
बनाना
भूल
गए
Meem Alif Shaz
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मुझ
से
निकल
आया
है
क्या
काम
बोल
रहे
हो
जो
इशरत
से
Meem Alif Shaz
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चाँद
तारे
फ़लक
पे
चमकने
लगे
यादों
के
चेहरे
फिर
से
झलकने
लगे
जब
तिरी
उँगलियों
ने
छुआ
जिस्म
को
मिट्टी
के
अंग
सारे
महकने
लगे
धूप
ने
इस
तरह
से
जलाया
बदन
सारे
मज़दूर
सर
को
पटकने
लगे
जब
बड़ों
की
न
मानी
कभी
कोई
बात
बच्चे
मंज़िल
से
अपनी
भटकने
लगे
जब
सड़क
पे
निकल
के
वो
आई
परी
बूढ़ों
के
दिल
भी
धक
धक
धड़कने
लगे
देख
कर
मलबे
के
नीचे
मासूमों
को
लोगों
के
आँसू
टप
टप
टपकने
लगे
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Meem Alif Shaz
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जो
परिंदों
को
नहीं
देती
है
दाना
पानी
भी
क्या
बताऊँ
उसको
अपनी
दिल-लगी
के
बारे
में
Meem Alif Shaz
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अपनी
आँखों
से
बिछा
रख्खा
है
तुम
ने
ऐसा
जाल
तुम
जिसे
भी
देखती
हो
वो
तो
फँस
ही
जाता
है
Meem Alif Shaz
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