hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
sacche rishton ka ujaala ab kahaan
sacche rishton ka ujaala ab kahaan | सच्चे रिश्तों का उजाला अब कहाँ
- Meem Alif Shaz
सच्चे
रिश्तों
का
उजाला
अब
कहाँ
रोज़
का
मिलना
मिलाना
अब
कहाँ
जब
जवाँ
थे
तोड़ी
थी
दीवार
भी
जिस्म
में
मज़बूत
काँधा
अब
कहाँ
लोग
होते
थे
बचाने
के
लिए
पर
कहीं
ऐसा
किनारा
अब
कहाँ
जो
मोहब्बत
करता
था
ख़त
लिखता
था
इश्क़
लिखने
पढ़ने
वाला
अब
कहाँ
- Meem Alif Shaz
Download Ghazal Image
अब
के
हम
तर्क-ए-रसूमात
करके
देखते
हैं
बीच
वालों
के
बिना
बात
करके
देखते
हैं
इस
सेे
पहले
कि
कोई
फ़ैसला
तलवार
करे
आख़िरी
बार
मुलाक़ात
करके
देखते
हैं
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
65 Likes
बात
से
बात
बनेगी
तू
कभी
बात
तो
कर
आ
ज़रा
पास
मिरे
यार
मुलाक़ात
तो
कर
पूछ
तू
भी
तो
कभी
हाल
हमारे
दिल
का
हाल
से
हाल
मिलाने
की
शुरूआत
तो
कर
Read Full
shaan manral
Send
Download Image
3 Likes
चले
भी
आओ
भुला
कर
सभी
गिले-शिकवे
बरसना
चाहिए
होली
के
दिन
विसाल
का
रंग
Azhar Iqbal
Send
Download Image
47 Likes
यार
ने
हम
से
बे-अदाई
की
वस्ल
की
रात
में
लड़ाई
की
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
39 Likes
ये
न
थी
हमारी
क़िस्मत
कि
विसाल-ए-यार
होता
अगर
और
जीते
रहते
यही
इंतिज़ार
होता
Mirza Ghalib
Send
Download Image
65 Likes
ये
किस
ने
बाग़
से
उस
शख़्स
को
बुला
लिया
है
परिंद
उड़
गए
पेड़ों
ने
मुँह
बना
लिया
है
उसे
पता
था
मैं
छूने
में
वक़्त
लेता
हूँ
सो
उस
ने
वस्ल
का
दौरानिया
बढ़ा
लिया
है
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
110 Likes
आज
मिलना
था
बिछड़
जाने
की
नीयत
से
हमें
आज
भी
वो
देर
से
पहुँचा
है
कितना
तेज़
है
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
82 Likes
'हर्ष'
वस्ल
में
जितनी
मर्ज़ी
शे'र
कह
लो
तुम
हिज्र
के
बिना
इन
में
जान
आ
नहीं
सकती
Read Full
Harsh saxena
Send
Download Image
2 Likes
हर
मुलाक़ात
पे
सीने
से
लगाने
वाले
कितने
प्यारे
हैं
मुझे
छोड़
के
जाने
वाले
ज़िंदगी
भर
की
मोहब्बत
का
सिला
ले
डूबे
कैसे
नादाँ
थे
तिरे
जान
से
जाने
वाले
Read Full
Vipul Kumar
Send
Download Image
51 Likes
दिन
में
मिल
लेते
कहीं
रात
ज़रूरी
थी
क्या?
बेनतीजा
ये
मुलाक़ात
ज़रूरी
थी
क्या
मुझ
सेे
कहते
तो
मैं
आँखों
में
बुला
लेता
तुम्हें
भीगने
के
लिए
बरसात
ज़रूरी
थी
क्या
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
82 Likes
Read More
टूटे
हुए
घर
में
मकाँ
सा
कुछ
नहीं
मग़रूर
होने
का
निशाँ
सा
कुछ
नहीं
मिल
सकती
है
तस्वीर
मेरी
भी
मगर
तस्वीर
में
मेरी
बयाँ
सा
कुछ
नहीं
हम
क्यूँ
मिले
क्यूँ
दोस्ती
उस
से
करें
जिस
की
ज़बाँ
पे
भी
अज़ाँ
सा
कुछ
नहीं
Read Full
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
तुम
तो
घर
में
थे
तुम्हें
क्या
होगा
मालूम
रात
भर
बरसात
ने
क्या
क़हर
ढाया
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
काश
यह
उलझनें
नहीं
होती
काश
वो
ज़िन्दगी
यहीं
होती
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
हम
जिसे
चाहते
थे
मिला
क्यूँ
नहीं
उम्र
भर
ज़िन्दगी
से
यही
पूछा
है
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
मेरी
फ़ितरत
भी
तो
आईने
जैसी
है
मैं
झूठों
को
सच्चाई
दिखाता
रहता
हूँ
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Paani Shayari
Baarish Shayari
Mazhab Shayari
Mausam Shayari
Judai Shayari