dosti men saza ki tamannaa na kar | दोस्ती में सज़ा की तमन्ना न कर

  - Meem Alif Shaz
दोस्तीमेंसज़ाकीतमन्नाकर
मेरेज़ख़्मोंकाइतनातमाशाकर
मैंअगरगिरगयाहूँबहुतज़ोरसे
तूनेमुझकोगिरायाहैदावाकर
कलमिलेथेगलेभीलगेथेसनम
सुब्हहोतेहीफिरसेतक़ाज़ाकर
आजसायाहैकलधूपहोगीवहाँ
अपनेसाएकाऐसातमाशाकर
  - Meem Alif Shaz
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy