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Meem Alif Shaz
akelaa bhi guzaara kar ke dekha
akelaa bhi guzaara kar ke dekha | अकेले भी गुज़ारा कर के देखा
- Meem Alif Shaz
अकेले
भी
गुज़ारा
कर
के
देखा
अँधेरे
को
सहारा
कर
के
देखा
न
आई
जब
मदद
कोई
किसी
की
परिंदों
को
इशारा
कर
के
देखा
सुना
था
बे-वफ़ा
हो
सकती
है
वो
तभी
तो
इस्तिख़ारा
कर
के
देखा
मिरे
दिल
में
धुआँ
होने
लगा
था
ख़ुदा
का
ज़िक्र
सारा
कर
के
देखा
- Meem Alif Shaz
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दिल
अभी
पूरी
तरह
टूटा
नहीं
दोस्तों
की
मेहरबानी
चाहिए
Abdul Hamid Adam
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तड़पना
हिज्र
तक
सीमित
नहीं
है
उसे
दुल्हन
भी
बनते
देखना
है
Anand Verma
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सर
झुकाओगे
तो
पत्थर
देवता
हो
जाएगा
इतना
मत
चाहो
उसे
वो
बे-वफ़ा
हो
जाएगा
Bashir Badr
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मोहब्बत
दो-क़दम
पर
थक
गई
थी
मगर
ये
हिज्र
कितना
चल
रहा
है
Zubair Ali Tabish
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वो
बे-वफ़ा
है
तो
क्या
मत
कहो
बुरा
उसको
कि
जो
हुआ
सो
हुआ
ख़ुश
रखे
ख़ुदा
उसको
Naseer Turabi
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दबी
कुचली
हुई
सब
ख़्वाहिशों
के
सर
निकल
आए
ज़रा
पैसा
हुआ
तो
च्यूँँटियों
के
पर
निकल
आए
अभी
उड़ते
नहीं
तो
फ़ाख़्ता
के
साथ
हैं
बच्चे
अकेला
छोड़
देंगे
माँ
को
जिस
दिन
पर
निकल
आए
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Mehshar Afridi
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तुम
पूछो
और
मैं
न
बताऊँ
ऐसे
तो
हालात
नहीं
एक
ज़रा
सा
दिल
टूटा
है
और
तो
कोई
बात
नहीं
Qateel Shifai
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कभी
न
लौट
के
आया
वो
शख़्स,
कहता
था
ज़रा
सा
हिज्र
है
बस
सरसरी
बिछड़ना
है
Subhan Asad
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इस
से
पहले
कि
ज़मीं-ज़ाद
शरारत
कर
जाएँ
हम
सितारों
ने
ये
सोचा
है
कि
हिजरत
कर
जाएँ
दौलत-ए-ख़्वाब
हमारे
जो
किसी
काम
न
आई
अब
किसी
को
नहीं
मिलने
की
वसिय्यत
कर
जाएँ
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Idris Babar
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किसी
से
दूरी
बनाई
किसी
के
पास
रहे
हज़ार
कोशिशें
कर
लीं
मगर,
उदास
रहे
Sawan Shukla
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बहुत
बेचैन
थे
तो
सोचा
हम
ने
सड़क
पे
फेंक
दी
फिर
दुनिया
हम
ने
हमारे
सर
पे
तो
तलवार
भी
थी
मगर
बेचा
नहीं
सच
अपना
हम
ने
चले
आओ
कि
अब
तो
हो
गई
शाम
परिंदों
को
तो
आते
देखा
हम
ने
बड़े
ख़ुदगर्ज़
हो
मत
तोड़ो
इन
को
गुलों
को
रहम
दिल
ही
पाया
हम
ने
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Meem Alif Shaz
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कितनी
जल्दी
है
इस
मौसम
को
भी
जाने
की
जिस
मौसम
में
हम
ने
कुछ
करने
की
ठानी
है
Meem Alif Shaz
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बद-मिज़ाजी
देती
तो
है
हम
को
ज़ाइक़ा
मगर
हम
को
अपने
लोग
धीरे
धीरे
छोड़
देते
हैं
Meem Alif Shaz
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ग़म
के
टुकड़े
बिखरे
पड़े
हैं
चारों
तरफ़
मैं
अपने
ख़्वाबों
का
मलबा
कहाँ
फेकूँ
Meem Alif Shaz
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राज़
राज़
होता
है
काफ़ी
ख़ास
होता
है
एक
राज़
यह
भी
है
मुझ
को
भी
मोहब्बत
थी
Meem Alif Shaz
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