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Irshad Siddique "Shibu"
itnaa rang koi girgit bhi na badle hai
itnaa rang koi girgit bhi na badle hai | इतना रंग कोई गिरगिट भी न बदले है
- Irshad Siddique "Shibu"
इतना
रंग
कोई
गिरगिट
भी
न
बदले
है
जितना
यार
मिरा
महबूब
बदलता
है
- Irshad Siddique "Shibu"
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सगी
बहनों
का
जो
रिश्ता
रिश्ता
है
उर्दू
और
हिन्दी
में
कहीं
दुनिया
की
दो
ज़िंदा
ज़बानों
में
नहीं
मिलता
Munawwar Rana
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हर
गीत
में
हर
बार
गाऊँगा
तुझे
अपनी
ग़ज़ल
में
गुनगुनाऊँगा
तुझे
तू
ईद
है
और
तू
ही
दीवाली
मेरी
मैं
हर
बरस
यूँँही
मनाऊँगा
तुझे
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Krishnakant Kabk
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अगर
मैं
कथा
का
क़लमकार
होता
यक़ीनन
ही
वो
तो
मिरा
यार
होता
लगाती
नहीं
हर
दफ़ा
वो
बहाने
लगा
लेती
सीने
से
गर
प्यार
होता
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Vijay Potter Singhadiya
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रहने
को
सदा
दहर
में
आता
नहीं
कोई
तुम
जैसे
गए
ऐसे
भी
जाता
नहीं
कोई
Kaifi Azmi
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अगर
हुकूमत
तुम्हारी
तस्वीर
छाप
दे
नोट
पर
मेरी
दोस्त
तो
देखना
तुम
कि
लोग
बिल्कुल
फिजूलखर्ची
नहीं
करेंगे
हमारे
चंद
अच्छे
दोस्तों
ने
ये
वा'दा
ख़ुद
से
किया
हुआ
है
कि
शक्ल
अल्लाह
ने
अच्छी
दी
है
सो
बातें
अच्छी
नहीं
करेंगे
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Rehman Faris
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तुम
ने
स्वेटर
बुना
था
मिरे
नाम
का
मैं
भी
लाया
था
कुछ
सर्दियाँ
जंगली
Shakeel Azmi
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माँ-बाबा
का
सोच
के
हर
दम
रुक
जाता
हूँ
वरना
तो
इतने
ग़म
में
मैंने
पंखे
से
टंग
कर
मर
जाना
था
Shashwat Singh Darpan
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तबक़ों
में
रंग-ओ-नस्ल
के
उलझा
के
रख
दिया
ये
ज़ुल्म
आदमी
ने
किया
आदमी
के
साथ
Bakhtiyar Ziya
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मैं
सात
साल
से
अब
तक
हिसार-ए-इश्क़
में
हूँ
वो
शख़्स
आज
भी
मेरे
दिल-ओ-दिमाग़
में
है
Amaan Haider
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दोनों
बिलकुल
झूठे
थे
दोनों
अब
तक
ज़िंदा
हैं
Sabeen Saif
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धर्मो
मज़हब
के
कुछ
हुड़दंगी
नारों
से
डर
लगता
है
अब
पर्वों
से
त्योहारों
से
Irshad Siddique "Shibu"
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जो
हम
ऐसे
को
मौला
ग़म
देता
है
हमारे
गुनाहों
से
कम
देता
है
Irshad Siddique "Shibu"
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गिराने
के
लिए
सरकार
तेरी
हमारी
एक
उँगली
काफ़ी
है
बस
Irshad Siddique "Shibu"
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उदासी
मेहरबानी
है
ये
वक़्त
की
वगरना
हम
भी
मुस्कुराते
थे
बहुत
Irshad Siddique "Shibu"
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ज़रा
मैं
भी
देखूँ
वो
दिल्ली
चीज़
है
क्या
दोस्त
जहाँ
पे
आ
के
मुझको
भूल
गए
Irshad Siddique "Shibu"
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