gul khilaane ki baat karte ho | गुल खिलाने की बात करते हो

  - Khawaja Imtiaz Kavish
गुलखिलानेकीबातकरतेहो
आनेजानेकीबातकरतेहो
कितनेसादामिज़ाजहोतुमभी
ग़मभुलानेकीबातकरतेहो
भरकेआँखोंमेंजामअश्कोंके
मयपिलानेकीबातकरतेहो
चंदवादेनिभाकेतुमजानम
आज़मानेकीबातकरतेहो
रोज़चढ़ताहैइकनयासूरज
तुमपुरानेकीबातकरतेहो
दिलपेख़ंजरचलाकेतुममेरे
मरनेजानेकीबातकरतेहो
कौनआएगाअबयहाँ'काविश'
किसकेआनेकीबातकरतेहो
  - Khawaja Imtiaz Kavish
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