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Kumar gyaneshwar
ye maine kab kaha ki bas mujhi se raabta rahe
ye maine kab kaha ki bas mujhi se raabta rahe | ये मैंने कब कहा कि बस मुझी से राब्ता रहे
- Kumar gyaneshwar
ये
मैंने
कब
कहा
कि
बस
मुझी
से
राब्ता
रहे
अगर
जो
कुछ
नहीं
है
तो
मिरी
जाँ
फ़ासला
रहे
तेरे
दिए
हुए
वो
सारे
फूल
सूख
जाने
हैं
तेरा
दिया
हुआ
ये
ज़ख़्म
तो
हरा
भरा
रहे
- Kumar gyaneshwar
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आओ
गले
मिल
कर
ये
देखें
अब
हम
में
कितनी
दूरी
है
Shariq Kaifi
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मंज़िलें
क्या
हैं,
रास्ता
क्या
है
हौसला
हो
तो
फ़ासला
क्या
है
Aalok Shrivastav
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जो
देखने
में
बहुत
ही
क़रीब
लगता
है
उसी
के
बारे
में
सोचो
तो
फ़ासला
निकले
Waseem Barelvi
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दर्द-ए-मुहब्बत
दर्द-ए-जुदाई
दोनों
को
इक
साथ
मिला
तू
भी
तन्हा
मैं
भी
तन्हा
आ
इस
बात
पे
हाथ
मिला
Abrar Kashif
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बहन
का
प्यार
जुदाई
से
कम
नहीं
होता
अगर
वो
दूर
भी
जाए
तो
ग़म
नहीं
होता
Unknown
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बड़े
लोगों
से
मिलने
में
हमेशा
फ़ासला
रखना
जहाँ
दरिया
समुंदर
से
मिला
दरिया
नहीं
रहता
Bashir Badr
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तेरे
जाने
में
और
आने
में
हम
ने
सदियों
का
फ़ासला
देखा
Sudarshan Fakir
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थी
वस्ल
में
भी
फ़िक्र-ए-जुदाई
तमाम
शब
वो
आए
तो
भी
नींद
न
आई
तमाम
शब
Momin Khan Momin
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हम
मिल
के
आ
गए
मगर
अच्छा
नहीं
लगा
फिर
यूँँ
हुआ
असर
कि
घर
अच्छा
नहीं
लगा
इक
बार
दिल
में
तुझ
सेे
जुदाई
का
डर
बना
फिर
दूसरा
कोई
भी
डर
अच्छा
नहीं
लगा
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Shriyansh Qaabiz
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किस
किस
को
बताएँगे
जुदाई
का
सबब
हम
तू
मुझ
से
ख़फ़ा
है
तो
ज़माने
के
लिए
आ
Ahmad Faraz
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इस
क़दर
बदन
से
है
राब्ता
उदासी
का
रोज़
ढ़ूँढ़
लाता
है
ज़ाइक़ा
उदासी
का
हम
सेे
कोई
पूछे
क्या
होता
है
मोहब्बत
में
हम
हीं
जानते
हैं
बस
मसअला
उदासी
का
फ़ेर
लेती
है
चेहरा
देखकर
ये
दुनिया
अब
दोस्त
कुछ
तो
है
आख़िर
फ़ाइदा
उदासी
का
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Kumar gyaneshwar
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होश
सबके
ठिकाने
लगेंगे
इश्क़
जब
आज़माने
लगेंगे
तुमको
भी
लगता
है
सब
नया
कुछ
तुमको
भी
सब
पुराने
लगेंगे
बाप
की
क़द्र
आती
समझ
तब
बेटे
जब
ख़ुद
कमाने
लगेंगे
यूँँ
समझने
की
हमको
न
सोचो
तुमको
इस
में
ज़माने
लगेंगे
देख
ले
कोई
आँखें
तुम्हारी
आग
दरिया
बुझाने
लगेंगे
उसके
छू
लेने
के
बाद
यारों
ज़ख़्म
सारे
सुहाने
लगेंगे
उस
गली
में
जहाँ
घर
तुम्हारा
लोग
सजदे
को
जाने
लगेंगे
जितनी
आसानी
से
खुलते
थे
हम
उतने
अब
शाख़साने
लगेंगे
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Kumar gyaneshwar
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बदन
से
रूह
की
ऐसे
रिहाई
का
मतलब
बता
रहा
था
वो
मुझको
जुदाई
का
मतलब
उसे
ही
देखने
के
बाद
दोस्त
मुमकिन
है
कि
अहल-ए-दुनिया
ने
जाना
दिखाई
का
मतलब
पिता
का
बन
के
सहारा
यूँँ
एक
लड़की
ने
बताया
सबको
ही
अपनी
पढ़ाई
का
मतलब
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Kumar gyaneshwar
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साथ
मेरे
जो
हादसा
हुआ
है
कौन
सा
पहली
मर्तबा
हुआ
है
होता
है
सब
के
साथ
इश्क़
में
जो
हक़
में
मेरे
वो
फ़ैसला
हुआ
है
वो
मोहब्बत
की
बातें
करती
है
अब
साथ
उसके
भी
कुछ
बुरा
हुआ
है
रूह
का
रास्ता
बदन
नहीं
बस
तजरबा
मैंने
ये
किया
हुआ
है
लड़ता
है
जंग
जो
अकेले
कभी
उसके
ही
हिस्से
काफ़िला
हुआ
है
एक
लड़की
ने
फिर
से
चाहा
मुझे
दोस्त
मतलब
कि
मसअला
हुआ
है
मेरा
बस
एक
मशवरा
है
उसे
भूल
जाओ
कि
राब्ता
हुआ
है
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Kumar gyaneshwar
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लोग
जो
तुझको
देखते
होंगे
देख
कर
तुझको
जी
रहे
होंगे
तुम
जो
सड़कों
पे
यूँँ
निकल
आओ
हर
तरफ़
फिर
तो
हादसे
होंगे
किसको
आख़िर
तू
मिल
रहा
होगा
किसके
दिन
यार
बन
रहे
होंगे
ये
ख़ुदा
को
न
मानने
वाले
देख
कर
तुझको
मानते
होंगे
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Kumar gyaneshwar
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