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Rohit Gustakh
dil ka kaam tamaam kiya hai
dil ka kaam tamaam kiya hai | दिल का काम तमाम किया है
- Rohit Gustakh
दिल
का
काम
तमाम
किया
है
धड़कन
ने
आराम
किया
है
- Rohit Gustakh
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शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
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Aman G Mishra
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निगाहों
के
तक़ाज़े
चैन
से
मरने
नहीं
देते
यहाँ
मंज़र
ही
ऐसे
हैं
कि
दिल
भरने
नहीं
देते
हमीं
उन
से
उमीदें
आसमाँ
छूने
की
करते
हैं
हमीं
बच्चों
को
अपने
फ़ैसले
करने
नहीं
देते
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Waseem Barelvi
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जो
चराग़
सारे
बुझा
चुके
उन्हें
इंतिज़ार
कहाँ
रहा
ये
सुकूँ
का
दौर-ए-शदीद
है
कोई
बे-क़रार
कहाँ
रहा
Ada Jafarey
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हम
अम्न
चाहते
हैं
मगर
ज़ुल्म
के
ख़िलाफ़
गर
जंग
लाज़मी
है
तो
फिर
जंग
ही
सही
Sahir Ludhianvi
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बोझ
उठाए
हुए
फिरती
है
हमारा
अब
तक
ऐ
ज़मीं
माँ
तिरी
ये
उम्र
तो
आराम
की
थी
Parveen Shakir
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इतना
तो
ज़िंदगी
में
किसी
के
ख़लल
पड़े
हँसने
से
हो
सुकून
न
रोने
से
कल
पड़े
Kaifi Azmi
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बे
तेरे
क्या
वहशत
हम
को
तुझ
बिन
कैसा
सब्र-ओ-सुकूँ
तू
ही
अपना
शहर
है
जानी
तू
ही
अपना
सहरा
है
Ibn E Insha
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गुज़िश्ता
साल
कोई
मस्लहत
रही
होगी
गुज़िश्ता
साल
के
सुख
अब
के
साल
दे
मौला
Liyaqat Ali Aasim
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एक
ही
शख़्स
नहीं
होता
सदा
दिल
का
सुकूँ
एक
करवट
पे
कभी
नींद
नहीं
आ
सकती
Rehan Mirza
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ये
मुझे
चैन
क्यूँँॅं
नहीं
पड़ता
एक
ही
शख़्स
था
जहान
में
क्या
Jaun Elia
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मोच
गया
दिल
आज
हमारा
उनके
गालों
के
गड्ढों
में
Rohit Gustakh
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मिरे
घर
क्यूँँ
ले
आते
हो
गली
बाज़ार
की
बातें
चिढ़ाती
हैं
मुझे
झूठे
बिके
अख़बार
की
बातें
मुकरता
है
हमेशा
तू
किए
वादे
निभाने
से
तेरे
वादे
तिरी
क़स
में
हुईं
सरकार
की
बातें
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Rohit Gustakh
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मोहब्बत
को
पराई
कर
रही
हो
सुना
है
तुम
सगाई
कर
रही
हो
यहाँ
बस
ज़िंदगी
इक
तीरगी
है
वहाँ
तुम
मुँह-दिखाई
कर
रही
हो
क़फ़स
मायूस
हो
कर
रो
रहा
है
परिंदे
की
रिहाई
कर
रही
हो
ग़म-ए-दुनिया
से
आगे
कुछ
नहीं
है
जहाँ
तुम
आशनाई
कर
रही
हो
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Rohit Gustakh
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तुम
अब
तक
हम
ही
में
उलझे
हो
यानि
ग़लतफ़हमी
में
उलझे
हो
Rohit Gustakh
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छोड़
गई
अबके
वो
भी
मुझको
जो
सिगरेट
छुड़ाया
करती
थी
Rohit Gustakh
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