zaKHm gahra nahin ke tum se kahein | ज़ख़्म गहरा नहीं के तुम से कहें

  - Gulfam Ajmeri
ज़ख़्मगहरानहींकेतुमसेकहें
दिलभीकरतानहींकेतुमसेकहें
दर्दकोज़ब्तकरकेबैठगए
हमसेहोतानहींकेतुमसेकहें
हमनेतोपूछनानहींजोसुना
तुमनेकहनानहींकेतुमसेकहें
आँखसेआँसूहीतोनिकलाहै
कोईदरियानहींकेतुमसेकहें
वैसेदिलकरताहैकेतुमसेकहूँ
मेराबनतानहींकेतुमसेकहें
मुक़्तसरवक़्तलेकेआएहो
वरनाक्याक्यानहींकेतुमसेकहें
  - Gulfam Ajmeri
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