रात वो मेरे घर थे आए हुए

  - Gulfam Ajmeri
रातवोमेरेघरथेआएहुए
सारेगर्दग़ुबारछटतेहुए
कैसेरौशनकरेहँसीकोई
जोमुहब्बतकेहोसताएहुए
रातहमकरवटेंबदलतेरहे
ख़्वाबआएतिरेदिखाएहुए
यादकरतेतोयादआतेनहीं
भूलतेभीनहींभुलाएहुए
येअदाकारीकुछआईकाम
रोदिएहमतोमुस्कुरातेहुए
मुझकोहोतानहींयक़ींक़ासिद
रोपड़ेमुझकोयादकरतेहुए
  - Gulfam Ajmeri
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