kya ab yahii hai sach ki muhabbat nahin rahi | क्या अब यही है सच कि मुहब्बत नहीं रही

  - Gulfam Ajmeri
क्याअबयहीहैसचकिमुहब्बतनहींरही
मतलबयहीकेतुमकोभीहसरतनहींरही
कलराततुमनेहमकोनिकालाजोबज़्मसे
यारोंमेंबातक्यारहेइज़्ज़तनहींरही
जिसजिसभीकूचेमेंगएखाएहैंज़ख़्मही
अबऔरदिललगानेकीहसरतनहींरही
तन्हाईभीहैदर्दभीहैतेराग़मभीहै
अबमेरेकमरेमेंकोईख़ल्वतनहींरही
अबतोसितमयेहैकेसितमगरनेकहदिया
अबऔरसितमकोतेरीज़रूरतनहींरही
हमजिसकेपहलूसेचलेआएहैंदश्तमें
वोदरनहींरहाकिवोनिस्बतनहींरही
बाज़ार-ए-इश्क़मेंभीपुकारेगएमगर
वोदिननहींरहेकेवोक़ीमतनहींरही
  - Gulfam Ajmeri
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