hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Govind kumar
ishq men fer-badal aata hai
ishq men fer-badal aata hai | इश्क़ में फेर-बदल आता है
- Govind kumar
इश्क़
में
फेर-बदल
आता
है
जब
कोई
एक
बदल
जाता
है
आपकी
सारी
कहानी
सच्ची
पर
मुझें
झूठ
समझ
आता
है
रोने
लग
जाते
है
तेरे
'आशिक़
तू
तरस
फिर
भी
नहीं
खाता
है
वो
है
कैसा
न
बताओ
मुझकों
उसका
सुनके
ही
जी
घबराता
है
ये
कहानी
है
उसी
लड़के
की
आज
जो
नींद
में
चिल्लाता
है
हो
गई
हैं
वही
हालत
मेरी
जिस
में
बच
कोई
नहीं
पाता
है
आँख
कहती
हैं
कि
काजल
डालो
दिल
लहू
लेने
चला
जाता
है
ग़म
भुलाना
भी
है
इक
फ़न
लेकिन
ये
हुनर
सब
को
कहाँ
आता
है
- Govind kumar
Download Ghazal Image
लोग
हम
सेे
सीखते
हैं
ग़म
छुपाने
का
हुनर
आओ
तुमको
भी
सिखा
दें
मुस्कुराने
का
हुनर
क्या
ग़ज़ब
है
तजरबे
की
भेंट
तुम
ही
चढ़
गए
तुम
से
ही
सीखा
था
हमने
दिल
दुखाने
का
हुनर
Read Full
Kashif Sayyed
Send
Download Image
59 Likes
बे-ख़ुदी
ले
गई
कहाँ
हम
को
देर
से
इंतिज़ार
है
अपना
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
39 Likes
बे-ख़ुदी
में
ले
लिया
बोसा
ख़ता
कीजे
मुआ'फ़
ये
दिल-ए-बेताब
की
सारी
ख़ता
थी
मैं
न
था
Bahadur Shah Zafar
Send
Download Image
29 Likes
देख
कैसे
धुल
गए
है
गिर्या-ओ-ज़ारी
के
बाद
आसमाँ
बारिश
के
बाद
और
मैं
अज़ादारी
के
बाद
इस
सेे
बढ़
कर
तो
तुझे
कोई
हुनर
आता
नहीं
सोचता
हूँ
क्या
करेगा
दिल
आज़ारी
के
बाद
Read Full
Abbas Tabish
Send
Download Image
36 Likes
कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
6 Likes
नख़रे
उन
ख़्वाबों
के
बड़े
होंगे
जिनको
वो
रोज़
देखती
होगी
Harsh saxena
Send
Download Image
4 Likes
बस
यही
इक
हुनर
सीखना
है
मुझे
वो
मिरी
चुप्पी
कैसे
पढ़ा
करती
है
Harsh saxena
Send
Download Image
9 Likes
हुनर
से
काम
लिया
पेंट
ब्रश
नहीं
तोड़ा
बना
लिया
तेरे
जैसा
ही
कोई
रंगों
से
मुझे
ये
डर
है
कि
मिल
जाएगी
तो
रो
दूँगा
मैं
जिस
ख़ुशी
को
तरसता
रहा
हूँ
बरसों
से
Read Full
Rahul Gurjar
Send
Download Image
9 Likes
अब
तो
उस
सूने
माथे
पर
कोरेपन
की
चादर
है
अम्मा
जी
की
सारी
सजधज,
सब
ज़ेवर
थे
बाबूजी
कभी
बड़ा
सा
हाथ
ख़र्च
थे
कभी
हथेली
की
सूजन
मेरे
मन
का
आधा
साहस,
आधा
डर
थे
बाबूजी
Read Full
Aalok Shrivastav
Send
Download Image
41 Likes
चल
गया
होगा
पता
ये
आपको
बे-वफ़ा
कहते
हैं
लड़के
आपको
इक
ज़रा
से
हुस्न
पर
इतनी
अकड़
तू
समझती
क्या
है
अपने
आपको
Read Full
Kushal Dauneria
Send
Download Image
96 Likes
Read More
ख़ुद
को
ख़ुद
से
कभी
न
खोना
तू
दर्द
दिल
में
न
कोई
बोना
तू
Govind kumar
Send
Download Image
2 Likes
दिल
को
फिर
दिल-लगी
का
बहाना
मिला
आज
फिर
यार
हमको
पुराना
मिला
Govind kumar
Send
Download Image
1 Like
अच्छा
लगना
भी
हर
बार
नहीं
होता
अच्छा
मैंने
बोला
भी
था
प्यार
नहीं
होता
अच्छा
Govind kumar
Send
Download Image
0 Likes
ये
ही
मेरी
ख़ूबी
थी
कल
शाम
तक
भूल
जाते
थे
किसी
का
नाम
तक
Govind kumar
Send
Download Image
1 Like
दर्द
के
दिल
में
एक
घर
बना
लिया
होता
हाँ
अ
गर
फिर
उसी
से
दिल
लगा
लिया
होता
Read Full
Govind kumar
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Nazar Shayari
Good morning Shayari
Ghamand Shayari
DP Shayari
Alone Shayari